पंजाब में करीब चार साल बाद स्थायी पुलिस प्रमुख (DGP) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार अब 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजने की तैयारी में है। इस सूची में मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
चर्चा में इन अधिकारियों के नाम
सरकार द्वारा तैयार पैनल को बैच के आधार पर तीन हिस्सों में बांटा गया है।
1992 बैच – गौरव यादव, शरद सत्या चौहान, कुलदीप सिंह, हरप्रीत सिंह सिद्धू
1993 बैच – गुरप्रीत कौर देव, जितेंद्र कुमार जैन, शशि प्रभा द्विवेदी
1994 बैच – सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार सिन्हा, अमरदीप सिंह राय, वी. नीरजा, अनिता पुंज, नरेश कुमार, राम सिंह
वहीं, 1989 बैच के अधिकारी सामंत गोयल ने इस पद के लिए अनिच्छा जताई है, जबकि अर्पित शुक्ला और ईश्वर सिंह रिटायरमेंट के करीब होने के कारण इस दौड़ से बाहर हैं।
कैसे होता है DGP का चयन ?
DGP की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार UPSC को वरिष्ठ अधिकारियों का पैनल भेजती है। इसके बाद एक उच्चस्तरीय समिति तीन नामों का चयन करती है। इस समिति में UPSC अध्यक्ष, केंद्रीय गृह सचिव (या प्रतिनिधि), राज्य के मुख्य सचिव, वर्तमान DGP और एक केंद्रीय पुलिस संगठन का प्रमुख शामिल होता है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार लेती है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में लंबे समय तक “कार्यवाहक DGP” व्यवस्था जारी रखने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद UPSC के रिमाइंडर और न्यायालय के दबाव में पंजाब सरकार ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
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