पूर्वी चंपारण में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। खौफ इतना फैल चुका है कि अब शराब पीने वाले लोग खुद अपने स्वास्थ्य की जांच के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। शुक्रवार की देर रात हरदिया और बालगंगा के नवल मेहता, शत्रुघ्न कुमार और शिवजी पटेल अपने परिवार के साथ मोतिहारी के सदर अस्पताल पहुंचे और शराब पीने की बात स्वीकार की। उन्होंने कसम खाई कि अब वे शराब नहीं पीएंगे।
चार युवकों ने अस्पताल पहुंचकर कराया इलाज
मौत और बीमारी की खबरों से डरकर चार युवक अपने परिवार के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्प्रिंट वाली शराब के दो गिलास पी थे, जिसके बाद उन्हें चक्कर और उच्च रक्तचाप जैसी शिकायतें होने लगीं। हल्की तबीयत खराब होने के बाद उनका इलाज अस्पताल में शुरू किया गया। उनके परिवारजन बताते हैं कि मीडिया और घटनाओं के डर से उन्होंने अपने बच्चों को मजबूरी में अस्पताल लाया।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
जहरीली शराब से प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र में टीमों को भेजा गया है, जो घर-घर जाकर लोगों की स्थिति का सर्वे कर रही हैं। जिन लोगों की तबीयत खराब पाई जाती है, उनका तुरंत इलाज किया जा रहा है।
सिविल सर्जन की टीम का सर्वे अभियान
मोतिहारी के सिविल सर्जन दिलीप कुमार की निगरानी में एएनएम और आशा वर्कर्स प्रभावित गांवों का सर्वे कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और जहरीली शराब से प्रभावित हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाई जाएगी।
जन सुराज ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्वी चंपारण पहुंचे जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि पहली घटना से सरकार और प्रशासन ने सबक नहीं लिया। उन्होंने शराबबंदी कानून वापस लेने और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग दोहराई। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव और अन्य नेता अपने कर्तव्य पर खरे नहीं उतर रहे हैं।
मुआवजा और सुरक्षा की अपील
पीड़ित परिवारों और स्वास्थ्य विभाग के बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जनता और राजनीतिक दलों की अपील है कि राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से शराबबंदी कानून की समीक्षा करे और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करे।
READ MORE: कांग्रेस कार्यकाल 2021 की SI भर्ती रद्द, राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

