देश के प्रमुख शहरों में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई ईंधन(fuel) की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी दर्ज की गई है, जिसने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 1 मार्च 2026 को राजधानी दिल्ली में ATF की कीमत जहां ₹96,638 प्रति किलोलीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर ₹2,07,341 प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है। इसी तरह कोलकाता में भी कीमतें ₹91,942 से छलांग लगाकर ₹2,05,953 प्रति किलोलीटर हो गई हैं। कुल मिलाकर जेट फ्यूल के दाम दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर करीब 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर पर पहुंच चुके हैं।
क्यों बढ़े ATF के दाम?
हवाई ईंधन की कीमतों में यह तेज उछाल अचानक नहीं आया है, बल्कि इसके पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण जुड़े हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है, जिससे आयात लागत और बढ़ गई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है और भुगतान डॉलर में करता है।
ऐसे में जब डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर, तो तेल कंपनियों के लिए कच्चा तेल खरीदना महंगा पड़ता है। यही बढ़ी हुई लागत आगे चलकर ATF की कीमतों में तेजी के रूप में दिखाई देती है। अगर मार्च की शुरुआत से अब तक की तुलना करें, तो कई शहरों में ATF की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं।
सिर्फ हवाई टिकट ही नहीं, ये चीजें भी होंगी महंगी
ATF की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ एयरलाइंस या यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। हवाई रास्ते से आने-जाने वाले सामान जैसे दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य जरूरी वस्तुओं की ढुलाई लागत भी बढ़ेगी। इसका सीधा असर बाजार कीमतों पर पड़ेगा, जिससे ये चीजें धीरे-धीरे महंगी हो सकती हैं। यानी हवाई ईंधन के दाम बढ़ने का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी तक पहुंचने लगा है।
आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर सीधे शब्दों में कहें तो ATF की बढ़ती कीमतें अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं। इसका असर जमीन पर दिखना शुरू हो गया है। हवाई यात्रा महंगी होगी, सामान की कीमतें बढ़ेंगी और धीरे-धीरे महंगाई का दबाव आम आदमी की जेब पर साफ नजर आएगा।