ईरान संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख तेल एवं गैस कंपनी Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) ने अरब सागर में अपने ‘दमन अपसाइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ (DUDP) से गैस उत्पादन शुरू कर दिया है। मुंबई से करीब 180 किलोमीटर दूर स्थित इस प्रोजेक्ट को रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है, जिसकी लागत लगभग 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,300 करोड़) बताई जा रही है। 29 मार्च 2026 को B-12-24P प्लेटफॉर्म से गैस का प्रवाह शुरू हुआ, जिसे सीधे गुजरात के हजीरा प्लांट भेजा जा रहा है।
ईरान तनाव के बीच क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्गों पर खतरे के बीच भारत के लिए यह प्रोजेक्ट किसी संजीवनी से कम नहीं है। भारत अपनी आधे से ज्यादा गैस जरूरतें आयात करता है, ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ना ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। अगर वैश्विक सप्लाई प्रभावित होती है, तो यह प्रोजेक्ट देश की जरूरतों को संभालने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
क्या बनाता है इस उपलब्धि को खास?
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देश में प्राकृतिक गैस उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी
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आयात पर निर्भरता में कमी
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ऊर्जा आपूर्ति को अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाना
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वैश्विक संकट के दौरान सप्लाई शॉक से बचाव
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आधुनिक तकनीक से मिली बढ़त
इस प्रोजेक्ट में ONGC ने ‘ड्रिल-डेक’ जैसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिससे ड्रिलिंग और प्रोडक्शन की प्रक्रिया तेज और कुशल बनी। टीमों के बेहतर समन्वय की वजह से ही इस प्रोजेक्ट को तय समय से काफी तेजी से पूरा किया जा सका। आने वाले समय में अलग-अलग कुओं से गैस उत्पादन धीरे-धीरे और बढ़ाया जाएगा।
आम लोगों को क्या होगा फायदा?
इस प्रोजेक्ट से निकलने वाली गैस का सीधा असर आम जनता और उद्योगों पर पड़ेगा:
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फर्टिलाइजर उत्पादन की लागत में कमी
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CNG और PNG की सप्लाई अधिक स्थिर
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गैस आधारित उद्योगों को राहत

