Ayodhya Ram Navami 2026: अयोध्या में रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को भव्य आयोजन हो रहा है। दोपहर ठीक 12 बजे रामलला के माथे पर सूर्य की किरणों से विशेष ‘सूर्य तिलक’ किया जाएगा, जो करीब चार मिनट तक चलेगा। मान्यता है कि भगवान राम का जन्म इसी समय हुआ था और वे सूर्यवंशी हैं, इसलिए यह आयोजन खास महत्व रखता है।
वैज्ञानिकों की मेहनत से तैयार हुई तकनीक
इस अनूठे सूर्य तिलक के लिए वैज्ञानिकों ने विशेष तकनीक विकसित की है। Indian Institute of Astrophysics ने सूर्य की गति और किरणों का अध्ययन किया, जबकि Central Building Research Institute, रुड़की ने प्रयोगशाला में परीक्षण कर व्यवस्था को सफल बनाया। इसके बाद मंदिर में दर्पण और लेंस आधारित हाईटेक सिस्टम लगाया गया, जो सूर्य की किरणों को सटीक समय पर रामलला के माथे तक पहुंचाता है।
सुबह से चल रहे धार्मिक अनुष्ठान
रामनवमी के अवसर पर सुबह से ही पूजा-अर्चना और अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। रामलला का अभिषेक दूध, दही, शहद और सरयू जल से किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें आकर्षक वस्त्र और आभूषण पहनाए जाएंगे। सूर्य तिलक के बाद महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तैयारियों की जानकारी दी है। भारी भीड़ को देखते हुए पूरे शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है और जगह-जगह पुलिस बल तैनात है।
देशभर में श्रद्धा के साथ मनाई जा रही रामनवमी
रामनवमी, चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन होता है और पूरे देश में इसे आस्था के साथ मनाया जाता है। श्रद्धालु व्रत रखते हैं, सात्विक भोजन करते हैं और भजन-कीर्तन में हिस्सा लेते हैं। अयोध्या में इस दिन का विशेष महत्व है, जहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचकर भगवान राम से सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
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