भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र के बागमुगालिया में रहने वाले 85 वर्षीय रिटायर्ड इंजीनियर को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर 36 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह घटना 13 से 19 नवंबर 2025 के बीच हुई, जब आरोपियों ने खुद को पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया और पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
दिल्ली पुलिस-ED अधिकारी बनकर किया ठगी
ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए फोन किया और कहा कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में हो रहा है। इसके बाद दूसरे व्यक्ति ने दूरसंचार विभाग का अधिकारी बनकर नंबर बंद करने की धमकी दी। तीसरे आरोपी ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाया।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी
ठगों ने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग और देशविरोधी गतिविधियों के मामले में फंसाने की बात कही और जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने जांच पूरी होने तक किसी को जानकारी न देने और घर में ही रहने को कहा। इसी दौरान उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखते हुए 20 लाख और 16 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने बताया कि ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए लगातार संपर्क में रहते थे। एक महिला ने खुद को ED अधिकारी निशा पटेल बताकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया और बैंक खातों की जांच की बात कही। डर के माहौल में बुजुर्ग ने बिना किसी को बताए पैसे ट्रांसफर कर दिए।
घर कुर्क करने की भी दी धमकी
ठगों ने यह भी धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो कोर्ट के आदेश पर घर कुर्क कर लिया जाएगा। बदनामी और बेघर होने के डर से बुजुर्ग पूरी तरह उनके झांसे में आ गए। 19 नवंबर को भांजे ने बुजुर्ग को कमरे में बंद देखकर शक जताया। उसने देखा कि वे फोन पर पैसे ट्रांसफर की बात कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पूरा मामला सामने आया।
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