यूपी के चंदौली जिले में पुलिस ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई की है। रुपेश उपाध्याय नामक शख्स को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को कभी भारतीय खुफिया एजेंसी RAW का अधिकारी और कभी ‘असिस्टेंट कमांडेंट’ बताकर ठगी करता था। आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंकिंग सामग्री बरामद हुई है, जिससे उसके धोखाधड़ी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
ChatGPT से तैयार किए फर्जी दस्तावेज
हेतमपुर धानापुर के रहने वाले रुपेश ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने मोबाइल फोन पर ChatGPT की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल वह लोगों को प्रभावित करने और निजी लाभ पाने के लिए करता था।
धोखाधड़ी के तरीके
अपराधी अपने पास रखी फर्जी RAW अधिकारी की आईडी और आधिकारिक दिखने वाले पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेता था। वह सरकारी काम करवाने, जांच प्रभावित करने या उच्च स्तर के संपर्क होने का झांसा देकर पैसे वसूलता था। जांच में पता चला कि आरोपी डीएम और एसपी को अपने बेटे के जन्मदिन के निमंत्रण देने चंदौली भी आया था, तभी उसकी फर्जी पहचान पकड़ में आई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली चंदौली में मामला दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के दावे या पहचान पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें, ताकि इस तरह के धोखाधड़ी मामलों से बचा जा सके।
READ MORE: चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा रहेंगी खाली, हर मैच से पहले होगा मौन, जानिए वजह?

