HomeBreaking Newsदबाव में झुका सुपरपावर? अमेरिका ने दुनिया को दी ईरान से तेल...

दबाव में झुका सुपरपावर? अमेरिका ने दुनिया को दी ईरान से तेल खरीदने की छूट, जंग के बीच ट्रंप ने लिया यू-टर्न

US-Israel-Iran War: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिनों की अस्थायी छूट देकर अपने पुराने रुख में बदलाव किया है। इस फैसले के बाद भारतीय रिफाइनर एक बार फिर ईरान से कच्चा तेल खरीदने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं, हालांकि अंतिम निर्णय के लिए सरकार और भुगतान व्यवस्था पर स्पष्टता का इंतजार है।

भारत ईरानी तेल खरीदने को तैयार

सूत्रों के मुताबिक, भारत की रिफाइनिंग कंपनियां ईरानी तेल खरीदने को लेकर तैयार हैं, लेकिन वे अमेरिकी नियमों और भुगतान प्रणाली से जुड़े दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रही हैं। भारत, जहां तेल भंडारण क्षमता सीमित है, हाल ही में अमेरिकी छूट के बाद रूसी तेल की खरीद भी तेज कर चुका है।

अमेरिकी प्रशासन का ये फैसला बड़ा यू-टर्न 

अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले को बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिससे वैश्विक तेल बाजार में बड़ा असर पड़ा था। अब उसी नीति में नरमी दिखाते हुए अमेरिका ने सीमित समय के लिए राहत दी है। अमेरिकी अधिकारी स्कॉट बेसेंट के अनुसार, यह छूट उन तेल खेपों पर लागू होगी जो 20 मार्च तक जहाजों पर लोड हो चुकी हैं और 19 अप्रैल तक डिलीवर की जाएंगी।

इस फैसले का असर पूरे एशिया में देखने को मिल रहा

इस फैसले का असर पूरे एशिया में देखने को मिल रहा है। भारत के अलावा अन्य एशियाई देश भी यह आकलन कर रहे हैं कि वे ईरानी तेल की खरीद फिर से शुरू कर सकते हैं या नहीं। दरअसल, हॉर्मुज जलसंधि में बढ़ते तनाव और आपूर्ति में बाधाओं के कारण क्षेत्र की रिफाइनरियां प्रभावित हो रही हैं और कई जगह उत्पादन क्षमता घटानी पड़ी है।

अभी 170 मिलियन बैरल ईरानी कच्चा तेल स्टॉक में मौजूद 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय करीब 170 मिलियन बैरल ईरानी कच्चा तेल समुद्र में जहाजों पर स्टॉक के रूप में मौजूद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भंडार कुछ समय के लिए राहत जरूर दे सकता है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान नहीं है। एशिया की लगभग 60 प्रतिशत तेल जरूरतें मध्य पूर्व से पूरी होती हैं, जिससे इस क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता का सीधा असर पड़ता है।

चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा

प्रतिबंधों के बाद चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार, उसके स्वतंत्र रिफाइनरों ने पिछले वर्ष करीब 13.8 लाख बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा। प्रतिबंधों के कारण ईरानी तेल सस्ते दाम पर उपलब्ध रहा, जिसका चीन ने भरपूर फायदा उठाया।

ईरानी तेल की खरीद में कई चुनौतियां 

हालांकि, ईरानी तेल की खरीद में कई चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। भुगतान प्रणाली को लेकर अनिश्चितता, पुराने जहाजों के इस्तेमाल और तीसरे पक्ष के जरिए हो रहे सौदों जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। पहले जहां सीधे नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी के साथ अनुबंध होते थे, अब ज्यादातर व्यापार बिचौलियों के जरिए हो रहा है। कुल मिलाकर, अमेरिका के इस अस्थायी फैसले ने भारत समेत एशियाई देशों को राहत की उम्मीद जरूर दी है। 

Read More: 

मथुरा के फरसा वाले बाबा हत्याकांड पर CM योगी का कड़ा रुख, बोले – किसी भी हाल में नहीं बख्शे जाएंगे आरोपी…

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments