पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मौजूद सभी 22 भारतीय जहाज सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले टैंकरों की अदला-बदली की मांग की है।
22 भारतीय जहाज सुरक्षित
विदेश मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा 18 मार्च 2026 को एक मीडिया ब्रीफिंग ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में मौजूद 22 भारतीय जहाज फिलहाल सुरक्षित हैं। हालांकि क्षेत्र में जारी तनाव के कारण कई जहाज अभी भी वहां से निकलने का इंतजार कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ईरान और अन्य संबंधित देशों के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
टैंकर अदला-बदली की खबरों का खंडन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि ऐसी किसी भी तरह की चर्चा भारत और ईरान के बीच नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है। जिन तीन जहाजों का जिक्र किया जा रहा है, वे न तो ईरान के स्वामित्व वाले हैं और न ही ईरानी जहाज हैं।” सरकार ने इन रिपोर्टों को पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक बताया है।
ऊर्जा आपूर्ति पर नजर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है। भारत सरकार ने कहा है कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय जहाजों तथा ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।
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