Thursday, February 26, 2026
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इजरायल संसद में प्रधानमंत्री Narendra Modi के संबोधन की 10 महत्वपूर्ण बातें

इजरायल संसद में प्रधानमंत्री Narendra Modi के संबोधन की 10 महत्वपूर्ण बातें
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इजरायल की संसद में प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा दिए गए ऐतिहासिक संबोधन में भारत–इजरायल संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संदेश दिया गया। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया जो दोनों देशों के साझा हित और भविष्य के सहयोग को मजबूती प्रदान करेंगे। आइए जानते हैं उनके भाषण की 10 मुख्य बातें:

  1. भारत–इजरायल एकजुटता का संदेश
    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भारत और इजरायल के मजबूत और चिरस्थायी संबंधों का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और साझे हितों के आधार पर जुड़े हुए हैं।
  2. आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी बढ़ाने का आह्वान
    पीएम मोदी ने आतंकवाद को वैश्विक चुनौती बताया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और इजरायल का सहयोग और मजबूती से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आतंकवादी ताकतों के खिलाफ संयुक्त रणनीति अपनाने पर जोर दिया।
  3. रणनीतिक सुरक्षा सहयोग में विस्तार
    इजरायल के साथ रक्षा, खुफिया और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और गहरा करने की बात की गई। उन्होंने कहा कि यह सहयोग दोनों देशों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
  4. इजरायल की कृषि और जल प्रबंधन तकनीक की सराहना
    प्रधानमंत्री ने इजरायल की उन्नत कृषि तकनीक और जल संरक्षण के मॉडल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से भारत में सूखे और जल संकट वाले क्षेत्रों में सुधार संभव हो रहा है।
  5. स्टार्टअप और नवाचार सहयोग को बढ़ावा
    भारत और इजरायल दोनों ही स्टार्टअप तथा तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने इस क्षेत्र में अनुसंधान, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इकोसिस्टम में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया।
  6. ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी के अवसर
    पीएम ने बताया कि ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा समाधान के क्षेत्र में भारत और इजरायल मिलकर कार्य कर सकते हैं, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा मिलेगा।
  7. युवा और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग
    उन्होंने युवाओं और छात्रों के आदान-प्रदान कार्यक्रम बढ़ाने, शोध एवं नवाचार परियोजनाओं को साझा करने की बात कही। इससे दोनों देशों के बीच बौद्धिक संबंध और मजबूत होंगे।
  8. संस्कृति और कला के माध्यम से दोस्ती
    पीएम मोदी ने कहा कि संस्कृति और कला दोनों राष्ट्रों के बीच मित्रता का पुल हैं। उन्होंने कला, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
  9. क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर जोर
    इजरायल संसद से संबोधन में पीएम मोदी ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शांति ही विकास का सबसे बड़ा आधार है।
  10. वैश्विक मंच पर सहयोग की अपील
    प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत-इजरायल सहयोग को और बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक समस्याओं को हल करने में दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके विचारों में साझा सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का संतुलित मिश्रण दिखा, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा और उम्मीदें जगी हैं।

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