प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  देशवासियों से 'मन की बात'  कर रहे हैं, कार्यक्रम का यह 34वां संस्करण है. पीएम नरेंद्र मोदी ने आज अपनी बात पर्यावरण के मुद्दे से शुरू की. उन्होंने कहा कि पानी के पास विनाश की भी ताकत है. पर्यावरण में आ रहे बदलाव से बहुत कुछ बदल रहा है. प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार सब देख रही है. मदद का भरसक प्रयास कर रही है.  लोग सेवा भाव से आगे आ रहे हैं. भारत सरकार की ओर से सेना, एनडीआरएफ के जवान सेवा में लगे हैं. बाढ़ में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है. सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो पर होने वाली 'मन की बात' से ऑल इंडिया रेडियो (AIR) को पिछले दो साल में हर महीने करीब 42 लाख रुपए की कमाई हुई है.केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में 3 अक्टूबर से देश की जनता से संवाद स्थापित करने के मकसद से 'मन की बात' कार्यक्रम लॉन्च किया था. हर महीने के आखिरी रविवार को इसका प्रसारण किया जाता है. राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि कि साल 2016-17 में 'मन की बात' से कुल 5.19

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश से मन की बात की.  यह इस रेडियो कार्यक्रम का 32वां संस्करण था. इससे पहले पीएम मोदी ने 30 अप्रैल को देश से मन की बात की थी. अपने संबोधन में उन्‍होंने युवाओं से अपने ‘कम्फर्ट जोन’ से बाहर निकलने और नित नए अनुभव करने की अपील की थी. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने वीआईपी कल्‍चर को खत्‍म कर उसकी जगह ईपीआई (एवरी पर्सन इज इंपॉर्टेंट) का अनुसरण करने को कहा था. मुस्लिमों को रमजान की शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा कि भारत को इस बात पर गर्व है कि यहां सभी संप्रदाय के लोग रहते हैं

दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो के जरिए 31वीं बार 'मन की बात' की. उन्होंने देश को संबोधित करते हुए कहा, मन की बात में विविधताओं से भरी हुई जानकारियां मिलती हैं. मन की बात पर आये सुझाओं पर सरकार अध्ययन करती है. देश के हर कोने में शक्तियों का अम्बार पड़ा है. मोदी ने कहा, मैं सबसे पहले तो अधिकतम सुझाव जो कि कर्मयोगियों के हैं, समाज के लिए कुछ न कुछ कर गुजरने वाले लोगों के हैं. मैं उनके प्रति आभार व्‍यक्‍त करता हूं. मोदी ने कहा, ये चीजें जब ध्यान में आयी तो मुझे लगा कि ये