पंजाब राज्य महिला आयोग ने लुधियाना में लगातार सामने आ रहे लड़कियों के लापता होने के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा को नोटिस जारी कर किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने और 8 जून तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
महिला आयोग ने जारी किया नोटिस
महिला आयोग की चेयरपर्सन राजलाली गिल ने पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2001 की धारा 12 के तहत खुद संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से तुरंत और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने नोटिस की कॉपी और लापता लड़कियों की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा की हैं।
कुल्लेवाल से एक साथ गायब हुईं तीन बहनें
सबसे चर्चित मामला 27 मई का है, जब कुल्लेवाल इलाके से 14, 15 और 16 वर्ष की तीन ममेरी-चचेरी बहनें लापता हो गई थीं। बाद में बड़ी लड़की ने परिवार को फोन कर बताया कि वह अंबाला में है और एक युवक उसे शादी का झांसा देकर ले गया है। पुलिस के अनुसार, बाकी दोनों नाबालिग लड़कियों का पता लगा लिया गया है और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।
अलग-अलग इलाकों से सामने आए कई मामले
24 मई को सराभा नगर क्षेत्र में घरेलू कामगार के रूप में काम करने वाली 16 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी। वहीं, 27 अप्रैल को सलेम टाबरी इलाके की 18 वर्षीय युवती स्कूल में दाखिले की बात कहकर घर से निकली और वापस नहीं लौटी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरू में मामला दर्ज करने में देरी की। इसके अलावा शहर के अलग-अलग थानों में चार अन्य लड़कियों के लापता होने के मामले भी दर्ज हैं।
महिला सुरक्षा को लेकर आयोग ने जताई चिंता
महिला आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। एक ही शहर से कम समय में नौ लड़कियों के लापता होने की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
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