Weather Update: अप्रैल के अंतिम सप्ताह में देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां पूरे महीने भीषण गर्मी का असर था, वहीं 30 अप्रैल से कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार 1 मई से अगले 48 घंटों तक देश के कई राज्यों में खराब मौसम का असर और तेज हो सकता है। 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
राहत के साथ खतरे की दस्तक
यह मौसम बदलाव लोगों के लिए राहत और खतरा दोनों लेकर आया है। तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं जोखिम बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग ने इसे गंभीर स्थिति मानते हुए कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बदलाव के पीछे की वजह
मौसम में यह बड़ा बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसे सिस्टम के सक्रिय होने से हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में इसका असर बारिश और बर्फबारी के रूप में दिख रहा है, जबकि मैदानी इलाकों में आंधी और ओले गिर रहे हैं। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। तापमान में गिरावट आई है, लेकिन तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और ट्रैफिक बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने यहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 60–70 किमी प्रति घंटे की हवाएं कमजोर ढांचों और वाहनों के लिए खतरा बन सकती हैं।
UP में आंधी और बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में आंधी और बारिश का असर बढ़ रहा है। कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका अधिक है। तापमान में गिरावट आई है, लेकिन मौसम अभी स्थिर नहीं है।
बिहार में बिजली गिरने का खतरा
बिहार में बारिश और तेज हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा भी बढ़ गया है। करीब 22 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर पहले ही बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे नुकसान की खबरें भी मिली हैं।
राजस्थान में भारी बारिश के आसार
राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम का यह बदलाव राहत लेकर आया है। कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश हुई है। तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि तेज हवाएं और धूल भरी आंधी विजिबिलिटी कम कर सकती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकती हैं।
पंजाब-हरियाणा में चलेगी तेज आंधी
पंजाब और हरियाणा में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे फसलों और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों में बिगड़ा मौसम
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। तापमान में भारी गिरावट आई है और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। असम, नागालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भारी बारिश और आंधी का खतरा है। कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत में प्री-मानसून आया
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय इलाकों में समुद्र उफान पर हो सकता है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है। किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग ने सभी से अपडेट पर नजर रखने और सतर्क रहने की अपील की है।
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