ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच सीजफायर खत्म होने की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैसे-वैसे दुनिया की नजरें 21 अप्रैल पर टिक गई हैं। सवाल उठ रहा है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो क्या फिर से बमबारी शुरू हो सकती है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका के प्रतिनिधि बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जाएंगे और जल्द ही वार्ता का नया दौर शुरू होगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।
ट्रंप का ट्वीट और कड़ी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया संदेश में आरोप लगाया कि ईरान ने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोलियां चलाकर सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है। उनके अनुसार कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और एक ब्रिटिश मालवाहक जहाज पर चलाई गईं, जिसे उन्होंने गंभीर घटना बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका एक संतुलित और उचित समझौता पेश कर रहा है, लेकिन यदि ईरान इसे स्वीकार नहीं करता, तो अमेरिका सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

आर्थिक नुकसान और तेल आपूर्ति पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कोशिश से उसे खुद भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, जो रोजाना करीब 500 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि कई जहाज अब भी अमेरिका की ओर तेल लेकर जा रहे हैं, जिससे अमेरिका की आपूर्ति प्रभावित नहीं हो रही है। ट्रंप ने इस स्थिति के लिए ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उसकी आक्रामक नीति से क्षेत्र में तनाव और बढ़ रहा है।
ईरान और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक संपर्क
तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत भी हुई है, जिसमें क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने हालात को नियंत्रित रखने और कूटनीतिक संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है। इस बातचीत को संभावित समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
दुनिया की नजर इस्लामाबाद वार्ता पर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस्लामाबाद में होने वाली संभावित वार्ता ईरान और अमेरिका के रिश्तों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। यदि बातचीत सफल रही तो क्षेत्र में शांति की उम्मीद मजबूत होगी, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो तनाव फिर से बढ़ सकता है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर अब आगामी वार्ता और 21 अप्रैल की समयसीमा पर टिकी हुई है।
जेडी वेंस नहीं जाएंगे इस्लामाबाद
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि जेडी वेंस इस्लामाबाद नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया, क्योंकि यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस इतनी कम समय में सुरक्षा व्यवस्था नहीं कर पाई।
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