सीरिया में इस्लामिक स्टेट ISIS के खिलाफ अमेरिका ने अपनी कार्रवाई को और आक्रामक बना दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड सेंटकॉम ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत चल रहे अभियान का ताजा वीडियो जारी कर बताया कि आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगातार सटीक हमले किए जा रहे हैं। यह अभियान दिसंबर में पलमायरा में हुए घातक हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी दुभाषिए की मौत हो गई थी।
13 दिसंबर को हुआ था हमला
सेंटकॉम के मुताबिक, 13 दिसंबर को पलमायरा में एक हमलावर ने अमेरिकी बलों पर गोलीबारी की थी। शुरुआती जांच में संकेत मिले कि हमलावर हाल ही में सीरियाई सुरक्षा बलों में शामिल हुआ था और उसके चरमपंथी संगठनों से संबंध हो सकते हैं। हमले के तुरंत बाद उसे मार गिराया गया। इसके कुछ दिनों बाद, 19 दिसंबर 2025 को अमेरिका ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल हमले का जवाब देना है, बल्कि ISIS को दोबारा संगठित होने से भी रोकना है।
30 से ज्यादा आतंकी ठिकाने तबाह
अमेरिका द्वारा हुए इस हमलों में 30 से अधिक ऐसे ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो हथियारों के भंडारण, संचार तंत्र और रसद आपूर्ति के केंद्र थे। अमेरिकी सैन्य सूत्रों के अनुसार, इन कार्रवाइयों से ISIS की परिचालन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
हिरासत में 50 से ज्यादा ISIS लड़ाके
इस ऑपरेशन में F-15E स्ट्राइक ईगल, A-10 वार्थॉग, AC-130J घोस्टराइडर और MQ-9 रीपर ड्रोन जैसे उन्नत विमानों की तैनाती की गई। जॉर्डन के F-16 विमानों ने भी सहयोग दिया। सेंटकॉम का दावा है कि अभियान की शुरुआत से अब तक कम से कम 50 ISIS लड़ाके मारे गए या हिरासत में लिए गए हैं।