उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस विभाग के भीतर एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सामने आई है। दारोगा(UP Sub-Inspector) भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले 23 सिपाहियों को SSP बीबी जीटीएस मूर्ति ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
छुट्टी लेकर नहीं लौटे ड्यूटी पर
जानकारी के मुताबिक, इन सिपाहियों ने 2 से 4 दिन की छुट्टी ली थी, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी वे ड्यूटी पर वापस नहीं पहुंचे। बाद में पता चला कि वे 14 और 15 मार्च को आयोजित यूपी पुलिस की दारोगा भर्ती परीक्षा में शामिल होने गए थे, जिसमें 4,543 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी।
हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा खत्म होने के बाद भी ये पुलिसकर्मी करीब एक महीने तक बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे। इस दौरान होली और ईद जैसे अहम त्योहार भी आए, लेकिन इसके बावजूद इन्होंने अपनी ड्यूटी जॉइन नहीं की, जिसे विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया।
गोपनीय जांच में हुआ खुलासा
पुलिस विभाग की आंतरिक जांच में यह सामने आया कि सभी 23 सिपाही दारोगा भर्ती परीक्षा देने गए थे और बिना अनुमति के ड्यूटी से गायब थे। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के लिए आवेदन करना भले ही अनुमति के बिना संभव हो, लेकिन परीक्षा में शामिल होने के लिए विभाग से विधिवत अनुमति लेना जरूरी होता है।
बिना सही जानकारी दिए छुट्टी लेना और फिर लंबे समय तक अनुपस्थित रहना गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है। इस पूरे मामले को देखते हुए एसएसपी ने सभी सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।