Tuesday, February 10, 2026
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UP कैबिनेट का बड़ा फैसला, शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा उपचार योजना को मंजूरी दे दी। इस फैसले से प्रदेश भर में करीब 15 लाख लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा।

कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्तावों को रोक दिया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग में 11.95 लाख लाभार्थी

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर घोषित कैशलेस मेडिकल सुविधा को लागू करने पर कैबिनेट ने सहमति दे दी है। इस योजना के तहत 11,95,391 लाभार्थी शामिल होंगे और इस पर करीब 358.61 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा।

इस योजना में शामिल लाभार्थियों में बेसिक शिक्षा परिषद के 4,34,426 शिक्षक, सरकारी सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के 13,380 शिक्षक, स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों के 4,72,735 शिक्षक, 1,42,929 शिक्षा मित्र, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 24,717 प्रशिक्षक, 7,479 वार्डन एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत 97,344 रसोइया और 2,00,581 विशेष शिक्षक शामिल हैं।

संदीप सिंह ने बताया कि स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर सत्यापन तंत्र बनाया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता वाली समितियां लाभार्थियों का सत्यापन करेंगी।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक भी शामिल

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मंत्रिमंडल ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए भी इसी तरह की कैशलेस मेडिकल योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और सरकारी वित्त पोषित माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षक इस सुविधा के पात्र होंगे।

मानदेय पर काम करने वाले शिक्षक भी होंगे योजना में शामिल

माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि इस योजना में मानदेय पर काम करने वाले शिक्षक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। लाभार्थियों को न केवल सरकारी अस्पतालों में, बल्कि पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में भी आईपीडी (अंतर्रोगी विभाग) में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

खन्ना ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत करीब 2,97,579 शिक्षक इस योजना से लाभान्वित होंगे, जिस पर लगभग 89.25 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। सरकार के इस फैसले को शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिससे उन्हें इलाज के दौरान आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलेगी।

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