टाटा कैपिटल के शेयरों में हालिया गिरावट के बाद अब तेजी के संकेत मिल रहे हैं। 8 अप्रैल को कंपनी के शेयरों में 5 प्रतिशत से ज्यादा उछाल दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 308.30 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि अगले दिन शुरुआती कारोबार में ही करीब 15 रुपये की बढ़त के साथ 324 रुपये तक पहुंच गया।
एक्सपर्ट्स का भरोसा कायम
ब्रोकरेज फर्म सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस स्टॉक पर भरोसा जताया है। विश्लेषकों ने इसे ‘बाय’ रेटिंग देते हुए कहा है कि आने वाले समय में इसमें अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। उनका अनुमान है कि यह शेयर 400 रुपये तक पहुंच सकता है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 30 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
लिस्टिंग के बाद रहा दबाव
टाटा कैपिटल ने अक्टूबर 2025 में शेयर बाजार में कदम रखा था। यह लिस्टिंग भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत अनिवार्य थी। हालांकि, लिस्टिंग के बाद से ही शेयर दबाव में रहा और 20 जनवरी 2026 को 367.30 रुपये का उच्च स्तर छूने के बाद इसमें गिरावट शुरू हो गई। बाद में इसका भाव आईपीओ कीमत से भी 16 प्रतिशत से अधिक नीचे चला गया।
ग्रोथ के मजबूत संकेत
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग 23 प्रतिशत और प्रति शेयर आय (EPS) करीब 37 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। इसके अलावा, कंपनी की एसेट क्वालिटी स्थिर बताई जा रही है और मोटर फाइनेंस सेक्टर में भी सुधार की उम्मीद जताई गई है।
आईपीओ में दिखा था जबरदस्त उत्साह
जब 6 अक्टूबर 2025 को टाटा कैपिटल का आईपीओ लॉन्च हुआ था, तब निवेशकों ने इसमें जोरदार रुचि दिखाई थी। 326 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आए इस आईपीओ को 1.96 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था और कंपनी ने इसके जरिए 15,512 करोड़ रुपये जुटाए थे। हालांकि, बाद में बाजार में बिकवाली के कारण शेयर की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
हालांकि हालिया गिरावट ने निवेशकों को चिंतित किया, लेकिन मौजूदा तेजी और विश्लेषकों के सकारात्मक रुख से संकेत मिलता है कि यह स्टॉक फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। फिर भी, निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले, क्योंकि शेयर बाजार जोखिमों के अधीन होता है।
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