Thursday, February 19, 2026
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा का आज विशेष सत्र, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुलाया विशेष सत्र

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोमवार को जम्मू विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। सत्र में आतंकी हमले की निंदा करने के साथ ही आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के समर्थन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ यह सत्र खास होगा।

पहलगाम हमले के बाद CM उमर अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था। उपराज्यपाल ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए 28 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है। सत्र सुबह 10:30 बजे शुरू होगा। विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों हुई सर्वदलीय बैठक में सभी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई।

आतंकवाद पर केंद्र के फैसलों के समर्थन में सभी लोग थे। विधानसभा के हाल के बजट सत्र में हमने कई लड़ाइयां लड़ी हैं। 28 अप्रैल को बुलाया गया विधानसभा का सत्र कोई सामान्य बात नहीं है। जिस तरह से सीमा पर तनाव है, लोगों के मन में डर है, हमले में 26 लोगों की जान गई है, यह शोक का समय है। यह एक साथ खड़े होने का समय है। हम यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि यह शोरगुल का समय नहीं है। हमें आतंकियों को सख्त संदेश देना है।

वरिष्ठ भाजपा नेता शाम लाल शर्मा ने कहा कि पहली बार ऐसी परिस्थितियों में विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया है। नेकां विधायक हसनैन मसूदी ने कहा कि शायद मेरे राजनीतिक जीवन में पहली बार इस तरह से विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया है। सिंधु जल संधि को निलंबित करने के केंद्र सरकार के फैसले के समर्थन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव लाया जा सकता है।

पूर्व मंत्री अजय सदोत्रा ​​ने कहा कि भूकंप, राज्य की स्वायत्तता समेत कई मुद्दों पर कई विशेष सत्र बुलाए गए हैं। मेरी याददाश्त में यह पहली बार है कि आतंकवाद पर विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ सभी दलों की एकता जरूरी थी और यह सराहनीय भी है।

आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जरूरी: उमर

CM उमर अब्दुल्ला का कहना है कि आतंकवाद और उसकी जड़ों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जरूरी है। उमर ने आतंकवाद के खिलाफ कश्मीरियों की एकता की तारीफ की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद और उसकी जड़ों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई होनी चाहिए। कश्मीर के लोगों ने आतंकवाद और निर्दोष लोगों की हत्या के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है, जो स्वतः स्फूर्त और निस्वार्थ भाव से किया गया है। अब समय आ गया है कि इस समर्थन को मजबूत किया जाए और ऐसे गलत कामों से बचा जाए जो लोगों को अलग-थलग कर दें। दोषियों को सजा दें, उन पर कोई रहम न करें, लेकिन इसका दुष्प्रभाव निर्दोष लोगों पर न पड़ने दें। संवाद

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