जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ भेजने की साजिश को नाकाम कर दिया है। दो दिनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन द्वारा गिराए गए दो बड़े कंसाइनमेंट बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सीमा पार से चल रही नार्को-टेरर गतिविधियों को उजागर कर दिया है। जांच में सामने आया है कि अब गोला-बारूद के साथ-साथ नशीले पदार्थों की तस्करी भी ड्रोन के माध्यम से की जा रही है।
कठुआ में दो आरोपी गिरफ्तार
बीते दिन कठुआ पुलिस ने पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई हेरोइन बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी इंटरनेट कॉलिंग के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार, ड्रोन के जरिए सीमा पार से नशीले पदार्थ गिराए जाते थे और स्थानीय नेटवर्क उन्हें उठाकर आगे सप्लाई करता था।
आरएस पुरा सेक्टर में 4 किलो हेरोइन जब्त
इसके बाद जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में ड्रोन से गिराई गई 4 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। बरामदगी के बाद पूरे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है।
कठुआ से पठानकोट तक फैला नेटवर्क
जांच के दौरान पुलिस ने पठानकोट निवासी जतिन को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर कठुआ से दानिश डोगरा उर्फ साजन को हिरासत में लिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि तस्करी का नेटवर्क जम्मू-कश्मीर से पंजाब तक फैला हुआ है।
सर्च ऑपरेशन जारी
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। सेना, बीएसएफ और पुलिस लगातार निगरानी और सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी संभव है।