NEET-UG 2026 परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। यह मामला जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि इस याचिका पर अभी तुरंत विचार नहीं किया जाएगा और इसे अवकाश के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा। इसी दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी (NTA) पहले से ही भारी दबाव में काम कर रही है और ऐसे में सभी पहलुओं पर विचार आवश्यक है।
21 जून से री-एग्जाम
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने जानकारी दी है कि NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। यह निर्णय उस परीक्षा के बाद लिया गया है जिसे 3 मई को आयोजित किया गया था लेकिन पेपर लीक की आशंका के चलते उसे रद्द कर दिया गया।
इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। छात्रों की सुविधा के लिए एनटीए ने यह भी घोषणा की है कि री-एग्जाम के एडमिट कार्ड 14 जून 2026 तक जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षा के बाद प्रोविजनल आंसर की 24 जून तक जारी होने की संभावना है।
आने वाले समय में CBT मॉडल लाने की तैयारी
हालांकि वर्तमान याचिका पर तत्काल राहत नहीं मिली है लेकिन यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है कि NEET परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित किया जाना चाहिए या नहीं। NTA ने अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में परीक्षा प्रणाली को CBT मॉडल में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई सुधारों पर काम चल रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी इस दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों की भूमिका बढ़ाई जाएगी।
उच्च स्तरीय बैठक में हुआ था मंथन
NEET परीक्षा से जुड़े हालिया विवाद और पेपर लीक की घटनाओं के बाद सरकार ने परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। यह बैठक शिक्षा मंत्री के आवास पर आयोजित हुई थी, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इस बैठक में उच्च शिक्षा विभाग, विद्यालय शिक्षा विभाग, NTA के शीर्ष अधिकारी, CBSE अध्यक्ष और अन्य शिक्षा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। बैठक में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई थी।