राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में बाबा श्याम का फाल्गुन मेला इस साल शनिवार, 21 फरवरी से शुरु होकर 28 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इस मेले के दौरान 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के खाटू पहुंचने का अनुमान है। मंदिर प्रशासन ने इस बार दरबार की सजावट को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए 120 बंगाली कारीगरों की विशेष टीम को आमंत्रित किया गया है जिससे दरबार और भी दिव्य प्रतीत हो रहा है।
वहीं, सबसे जरूरी बात ये है कि मेले के समय किसी भी प्रकार के VIP दर्शन की व्यवस्था नहीं रहेगी। सभी भक्तों को समान रूप से एक ही व्यवस्था के तहत दर्शन करने होंगे। श्याम मंदिर कमेटी ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। दर्शन के लिए 14 अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं ताकि भीड़ का दबाव नियंत्रित रहे और श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन हो सकें। इस बार प्रत्येक भक्त को लगभग 23 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करनी होगी, जिसके लिए मार्ग में आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
कोरोना काल के बाद बढ़ी आस्था
कोरोना महामारी के बाद प्रदेश में धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद धार्मिक पर्यटन को भी विशेष प्रोत्साहन मिला है, जिससे विभिन्न तीर्थ स्थलों पर आगंतुकों की संख्या में इजाफा हुआ है। सीकर जिले के खाटू स्थित यह मंदिर अब देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में गिना जाता है।
प्रतिवर्ष यहां लगभग 2 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बढ़ती लोकप्रियता के चलते यह मंदिर देश के शीर्ष मंदिरों में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। भक्तों का मानना है कि बाबा श्याम कलियुग में हारे का सहारा हैं और सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं यहां पूर्ण होती हैं। मंदिर समिति, जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों की सुदृढ़ व्यवस्थाएं भी श्रद्धालुओं के अनुभव को सुगम और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।