भारत के महान चित्रकार राजा रवि वर्मा की प्रतिष्ठित पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ ने नीलामी में नया इतिहास रच दिया है। इस कलाकृति को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिक साइरस पूनावाला ने 167.20 करोड़ रुपये में खरीदा। इसके साथ ही यह किसी भी नीलामी में बिकने वाली भारत की सबसे महंगी पेंटिंग बन गई है।
मुंबई में हुई रिकॉर्डतोड़ नीलामी
इस पेंटिंग की नीलामी 1 अप्रैल को मुंबई में सैफ्रॉन आर्ट की स्प्रिंग लाइव ऑक्शन के दौरान हुई। दिल्ली के एक निजी संग्रह से आई इस कृति के लिए करीब सात मिनट तक जबरदस्त बोली लगी, जिसमें कई बड़े उद्योगपति शामिल थे। अंततः साइरस पूनावाला ने सबसे ऊंची बोली लगाकर इसे अपने नाम किया।
अनुमान से दोगुनी कीमत पर बिकी कृति
इस पेंटिंग की अनुमानित कीमत 80 से 120 करोड़ रुपये के बीच लगाई गई थी, लेकिन नीलामी में यह लगभग दोगुनी कीमत पर बिकी। इससे पहले भारत की सबसे महंगी पेंटिंग का रिकॉर्ड एम.एफ. हुसैन की ‘Untitled (Gram Yatra)’ के नाम था, जो 118 करोड़ रुपये में बिकी थी।
पेंटिंग की क्या है खासियत
‘यशोदा और कृष्ण’ पेंटिंग में एक भावनात्मक और घरेलू दृश्य को दर्शाया गया है, जिसमें माता यशोदा गाय का दूध निकाल रही हैं और बाल कृष्ण पीछे से दूध के पात्र की ओर हाथ बढ़ा रहे हैं। यह चित्र भारतीय संस्कृति, मातृत्व और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
राष्ट्रीय धरोहर को सहेजने की बात
पेंटिंग खरीदने के बाद साइरस पूनावाला ने कहा कि यह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय धरोहर को समय-समय पर आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक लोग इसे देख सकें।
कौन थे राजा रवि वर्मा?
राजा रवि वर्मा का जन्म 1848 में त्रावणकोर के किलिमानूर में हुआ था। उन्हें आधुनिक भारतीय कला का अग्रदूत माना जाता है। उन्होंने यूरोपीय शैली की ऑयल पेंटिंग को भारतीय पौराणिक विषयों के साथ जोड़कर एक नई पहचान दी।
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