Thursday, February 12, 2026
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राहुल गांधी पर लगा ₹200 का जुर्माना, वीर सावरकर को लेकर बोला था ये

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एक अदालत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी को लेकर 200 रुपये का जुर्माना लगाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर यह जुर्माना लगातार सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर लगाया है। इसके साथ ही अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह भी चेतावनी दी है कि राहुल गांधी हर हाल में 14 अप्रैल 2025 को अदालत में पेश हों। अगर वह इस तारीख को पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

वकील नृपेंद्र पांडेय ने वर्ष 2022 में धारा 156 (3) दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) के तहत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, शिकायत पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी कर तलब किया था। अधिवक्ता नृपेंद्र पांडे ने परिवाद में आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ और ‘पेंशनभोगी’ कहा था।

क्या था पूरा मामला, जिसमें राहुल को कोर्ट में पेश होना था?

शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडेय ने बताया कि यह बयान समाज में वैमनस्य और नफरत फैलाने की नीयत से दिया गया था। साथ ही प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों के बीच पहले से तैयार पर्चे भी बांटे गए थे। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने बयान और गवाहों के साक्ष्य को गंभीरता से लिया। निगरानी कोर्ट ने मामले को दोबारा सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट में भी भेज दिया था।

कोर्ट ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए पाया कि राहुल गांधी का बयान समाज में वैमनस्य और नफरत फैलाने वाला है, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए) और 505 के तहत दंडनीय अपराध है। याचिकाकर्ता नृपेंद्र पांडेय ने एक अक्टूबर 2023 को एमपी/एमएलए के स्पेशल एसीजेएम अंबरीश कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर राहुल गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी।

राहुल गांधी ने क्यों नहीं हुए पेश?

5 मार्च 2025 को सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की, जिसमें उन्होंने आज व्यक्तिगत रूप से पेश न हो पाने की वजह बताई। राहुल गांधी की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया कि वह इस समय संसद में विपक्ष के नेता हैं। आज (5 मार्च) उनका एक विदेशी गणमान्य से मिलने का पहले से तय कार्यक्रम था। इसके अलावा अन्य सरकारी कामों में व्यस्त होने की वजह से वह कोर्ट में पेश नहीं हो पाए। वह कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हैं और जानबूझकर पेशी से बचने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।

लखनऊ कोर्ट का फैसला

कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गैरहाजिर रहने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया है और अगली सुनवाई की तारीख 14 अप्रैल 2025 तय की है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर इस तारीख को भी राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडेय का पक्ष

शिकायतकर्ता के वकील नृपेंद्र पांडे ने कोर्ट में दलील दी कि राहुल गांधी बार-बार समन के बावजूद पेश नहीं हो रहे हैं। कोर्ट को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से पेश की गई पेशी से छूट की अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने राहुल गांधी को 14 अप्रैल को अनिवार्य रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अगर वह इस तारीख को भी पेश नहीं होते हैं तो गैर जमानती वारंट जारी किया जा सकता है।

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