राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय धार्मिक दौरे के अंतिम दिन शनिवार को मथुरा के गोवर्धन पहुंचकर दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने श्रद्धा के साथ गोवर्धन पर्वत की प्रसिद्ध सप्तकोशीय (करीब 21 किलोमीटर) परिक्रमा शुरू की।
दानघाटी मंदिर में किया अभिषेक और आरती
मंदिर पहुंचने पर राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने विधि-विधान से गिरिराज महाराज का महाभिषेक किया और आरती में हिस्सा लिया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति ने 11 लीटर दूध, दही, घी, शहद और बूरा से दुग्धाभिषेक किया, जिससे पूरा परिसर धार्मिक वातावरण से गूंज उठा।
विशेष भेंट और सम्मान
पूजा-अर्चना के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति को गिरिराज जी की चांदी की प्रतिमा, पीतांबर और विशेष प्रसाद भेंट किया गया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताकर परंपराओं का सम्मान किया।
पैदल शुरू की परिक्रमा
दानघाटी मंदिर से राष्ट्रपति मुर्मू ने सप्तकोशीय परिक्रमा की शुरुआत की। सुरक्षा के लिए गोल्फ कार्ट की व्यवस्था होने के बावजूद उन्होंने कई स्थानों पर पैदल चलकर परिक्रमा की, जो उनकी श्रद्धा को दर्शाता है। गोवर्धन की यह परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कड़े सुरक्षा इंतजाम
राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा को देखते हुए मथुरा और गोवर्धन क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
ब्रज की परंपराओं का सम्मान
ब्रज क्षेत्र की मान्यताओं के अनुसार, गिरिराज पर्वत, ब्रज भूमि और यमुना नदी को अनंत माना जाता है। राष्ट्रपति ने इन परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए पूरे विधि-विधान से पूजा और परिक्रमा में भाग लिया।
President Droupadi Murmu had darshan and performed aarti at the Danghati Temple in Mathura and undertook the sacred Govardhan Parikrama. During her Parikrama, she planted a sapling on the occasion of International Day of Forests. The President also offered prayers at the sacred… pic.twitter.com/4zCUTFpsUZ
— President of India (@rashtrapatibhvn) March 21, 2026
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