रामनगरी अयोध्या में नव संवत्सर समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। राम मंदिर अयोध्या परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष आयोजन के लिए लगभग पांच हजार नुख्य अतिथियों की सूची तैयार कर ली गई है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि द्रौपदी मुर्मू होंगी, जो करीब चार घंटे तक मंदिर परिसर में मौजूद रहेंगी। इस दौरान वह मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना भी करेंगी। साथ ही पहली बार किसी बड़े आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के दर्शन को सुचारु बनाए रखने की विशेष योजना तैयार की गई है।
सुबह 9 बजे से शुरू होंगे वैदिक अनुष्ठान
19 मार्च को सुबह नौ बजे से वैदिक अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा। दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या से आए 51 वैदिक आचार्य इन धार्मिक विधियों को संपन्न कराएंगे। पूरे अनुष्ठान का संचालन काशी के विख्यात विद्वान गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में किया जाएगा।
देशभर के संत और विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल
समारोह में केरल की आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी, कर्नाटक के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े और दत्तात्रेय होसबोले भी भाग लेंगे। मां अमृतानंदमयी के साथ उनके 100 से अधिक अनुयायी भी अयोध्या पहुंचेंगे, जिनके ठहरने की व्यवस्था के लिए होटल और धर्मशालाओं में कमरे आरक्षित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा उत्तराखंड से जुड़े कारसेवकों को भी आमंत्रित किया गया है। वहीं अयोध्या जिले से लगभग एक हजार लोगों को विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
समारोह को सफल बनाने के लिए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के साथ ही अतिथियों के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और आवागमन को सुचारु रखने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।
मंदिर परिसर को आकर्षक और भव्य सजावट से सुसज्जित करने का काम भी अंतिम चरण में है। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए प्रशासन और ट्रस्ट के बीच लगातार समन्वय बैठकें आयोजित की जा रही हैं।