PM Modi Cabinet Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार शाम 4 बजे नई दिल्ली स्थित ‘सेवा तीर्थ’ में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। करीब एक साल बाद हो रही इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे। इसे मोदी सरकार के कामकाज की बड़ी मध्यावधि समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा है।
मंत्रालयों के कामकाज की होगी समीक्षा
सूत्रों के मुताबिक बैठक में कई मंत्रालयों और विभागों के कामकाज को देखा जायेगा । सरकार हाल के महीनों में लिए गए बड़े फैसलों, उनके परिणामों और भविष्य की योजनाओं पर बात कर सकती है। इसके साथ ही केंद्र की प्रमुख योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा भी बैठक का जरुरी हिस्सा रहेगी। माना जा रहा है कि मंत्रालयों को आने वाले महीनों के लिए नए काम और प्राथमिकताएं भी दी जा सकती हैं।
पश्चिम एशिया संकट पर भी रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर दुनिया भर में चिंता बनी हुई है। माना जा रहा है कि बैठक में इस संकट के भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चर्चा हो सकती है। प्रधानमंत्री ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, जहाजरानी और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम क्षेत्रों को लेकर संबंधित मंत्रालयों को दिशा-निर्देश दे सकते हैं ताकि देश में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की सप्लाई प्रभावित न हो।
नागरिकों पर असर कम करने पर जोर
सरकार का फोकस इस बात पर भी रह सकता है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्रालयों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं कि ईंधन, खाद, परिवहन और अन्य जरूरी सेवाओं पर किसी तरह का बड़ा असर न पड़े। पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री पहले ही संबंधित मंत्रालयों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दे चुके हैं।
जून में हो सकता है कैबिनेट विस्तार
मंत्रिपरिषद की यह बैठक मोदी सरकार 3.0 में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि जून के दूसरे सप्ताह में मोदी कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल किया जा सकता है। मोदी सरकार ने लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद 10 जून 2024 को शपथ ली थी। ऐसे में सरकार के दूसरे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े बदलाव संभव माने जा रहे हैं।
योजनाओं और नीतियों का होगा आकलन
बैठक में सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं और चल रही नीतिगत पहलों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा भी की जा सकती है। सरकार यह आकलन करेगी कि विभिन्न योजनाएं जमीन पर कितना असर डाल रही हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। प्रधानमंत्री आमतौर पर ऐसी बैठकों के जरिए शासन की प्राथमिकताओं को तय करते हैं और मंत्रालयों को राजनीतिक तथा प्रशासनिक दिशा देते हैं।
बैठक पर पूरे देश की नजर
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा से लौटने के तुरंत बाद बुलाई गई इस बैठक पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि इस बैठक से आने वाले महीनों के लिए सरकार की रणनीति और प्राथमिकताओं का संकेत मिल सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार किसी बड़े फैसले या संभावित फेरबदल का संकेत देती है।
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