Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी में होगी, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी प्रमुख दलों के फ्लोर लीडर्स शामिल होंगे। बैठक में आगामी सत्र के एजेंडे, विधायी कामकाज और संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने पर बातचीत होगी। सरकार सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील करेगी।
सरकार ने विपक्षी दलों के साथ बढ़ाई नजदीकियां
Parliament Monsoon Session से पहले सरकार ने विपक्ष के कई दलों के साथ राजनीतिक संवाद बढ़ाया है। सत्र के दौरान संविधान संशोधन समेत कई विधेयकों पर समर्थन मिलने की संभावना को देखते हुए भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे कांग्रेस और सपा को छोड़कर अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ कोई आरोप या विवादित बयान न दें। केंद्रीय मंत्रियों सहित एनडीए के प्रमुख नेताओं से भी इसी रणनीति का पालन करने को कहा गया है।
महिला आरक्षण-परिसीमन पर सरकार का फोकस
सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण और उससे जुड़ा परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरुरत होगी। सरकार का दावा है कि लोकसभा और राज्यसभा में जरुरी समर्थन का आंकड़ा उसके पास है। इसके लिए द्रमुक और एनसीपी जैसे दलों के नेताओं से जरूरी आश्वासन भी लिया गया है। वहीं, महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस की तुलना में समाजवादी पार्टी से सरकार को कम उम्मीद है और उसके लिए अलग रणनीति तैयार की जा रही है।
मॉनसून सत्र में पेश होंगे कई अहम विधेयक
मॉनसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसमें कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है,। इस दौरान सरकार पांच नए विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें आयकर कानून, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने, MSME और राष्ट्रीय सम्मान कानून से जुड़े संशोधन शामिल हैं। साथ ही सरकार परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
सत्र के हंगामेदार रहने के आसार
सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष पेपर लीक समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। वहीं, कुछ विपक्षी दलों में हुई टूट के बाद बने नए राजनीतिक समीकरण भी इस बार संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर सकते हैं।
तृणमूल के बागी गुट को भी मिला न्योता
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट को भी बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। सुदीप बंदोपाध्याय को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि तृणमूल के बागी 20 सांसदों के समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से एनसीपीआई के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है।
विपक्ष की रणनीति बैठक में सिब्बल को बुलावा
निर्दलीय राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। खरगे ने उन्हें सोमवार को होने वाली विपक्षी नेताओं की रणनीति बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
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