दिल्ली(Delhi) में जिमखाना क्लब से जुड़ा विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि एक और बड़ा मामला सामने आ गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी के पांच वॉटर स्पोर्ट्स क्लबों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें जमीन खाली करने का आदेश जारी किया है। यह सभी क्लब सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के आसपास स्थित हैं और आरोप है कि ये ढांचे डीडीए की भूमि पर बिना उचित अनुमति के बनाए गए हैं।
DDA की ओर से इन क्लब संचालकों को नोटिस भेजकर स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर यानी तीन दिनों में कब्जाई गई जमीन खाली कर दें। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में परिसर खाली नहीं किया गया तो प्रशासन की ओर से बलपूर्वक कार्रवाई की जा सकती है।
सोनिया विहार का है मामला
DDA ने 21 मई को जारी अपने नोटिस में उल्लेख किया है कि सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के एंट्री गेट के पास स्थित भूमि पर अस्थायी संरचनाओं के नाम पर अतिक्रमण किया गया है। विभाग का कहना है कि यह जमीन पूरी तरह से सरकारी स्वामित्व में आती है और वहां बनाए गए वॉटर स्पोर्ट्स क्लब नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
इन पांच क्लबों में आर्मी और BSF से जुड़े दो संस्थान शामिल हैं जबकि बाकी दो निजी संचालकों द्वारा चलाए जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद क्लब संचालकों में चिंता का माहौल है खासकर इसलिए क्योंकि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं भी निर्धारित हैं जिनकी तैयारियां पहले से चल रही थीं।
क्या है क्लब संचालकों की मांग ?
क्लब संचालकों का कहना है कि इस फैसले से उनकी तैयारियों पर सीधा असर पड़ेगा। उनका तर्क है कि प्रतियोगिताएं जून के मध्य में प्रस्तावित हैं और ऐसे समय में अचानक जमीन खाली करने का आदेश मुश्किलें बढ़ा रहा है। उनका यह भी कहना है कि यदि अन्य संस्थानों की तरह उन्हें भी यमुना किनारे वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए तो वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रखा जा सकता है।
वर्तमान स्थिति में प्रशासन और क्लब संचालकों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है लेकिन डीडीए का रुख सख्त दिखाई दे रहा है। इससे आने वाले दिनों में इस मामले के और तूल पकड़ने की आशंका जताई जा रही है।