Thursday, February 19, 2026
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निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को पुलिस ने किया गिरफ्तार, समर्थकों ने की पत्थरबाजी 

राजस्थान के देवल उनियारा में SDM को थप्पड़ मारने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जिसके बाद नरेश मीणा के समर्थकों ने जमकर बवाल मचाया साथ ही समर्थकों पर आरोप है कि नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पर पत्थरबाजी भी की जिसके जवाब में पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले दागे।

बता दें कि अब यह थप्पड़कांड दो जातियों का संघर्ष भी बन चुका है फिलहाल समरावता गांव में भारी तनाव का माहौल है।

नरेश मीणा मामला: जानें अब तक की सभी नई जानकारियां और घटनाक्रम

राजस्थान के चर्चित नरेश मीणा मामले में नई जानकारियां सामने आई हैं, जिसने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलचल को गर्म कर दिया है। मामले की जांच में तेजी आई है और विभिन्न एंगल्स से पुलिस और जांच एजेंसियों की टीमें गहराई से पड़ताल कर रही हैं। इस लेख में हम इस मामले से जुड़े घटनाक्रम और नई जानकारियों को विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे।

मामले की पृष्ठभूमि: कैसे उठा विवाद

नरेश मीणा मामले की शुरुआत कुछ महीने पहले एक विवादित बयान से हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। मामले में आरोप है कि नरेश मीणा ने कथित तौर पर सरकारी पद का दुरुपयोग कर लाभ प्राप्त किया और कुछ अधिकारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। इस आरोप के बाद कई राजनीतिक दलों ने मामले की जांच की मांग की, जिसके चलते राज्य सरकार ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिए हैं।

जांच में हो रहे खुलासे: नए सबूत और गवाह सामने आए

जांच एजेंसियों ने इस मामले में कई नए सबूत इकट्ठा किए हैं, जिनमें बैंक लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड्स, और कुछ महत्वपूर्ण गवाहों के बयान शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सबूतों की जांच से पता चलता है कि कुछ गतिविधियां संदिग्ध थीं, जो कि नियमों के विरुद्ध हो सकती हैं। गवाहों ने भी अपने बयानों में कुछ अहम खुलासे किए हैं, जिससे जांच में तेजी आई है। इस मामले में अधिकारियों ने मीणा के कुछ सहयोगियों से भी पूछताछ की है, जिससे कई नये तथ्य सामने आए हैं।

राजनीतिक प्रभाव: सत्ताधारी दल और विपक्ष में बढ़ी टकराव

नरेश मीणा मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। दूसरी ओर, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस विवाद ने राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

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