देश के कई खिलाड़ियों को लंबे समय से ट्रेन यात्रा के दौरान अपने खेल उपकरणों को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। कई मौकों पर खिलाड़ियों को बड़े आकार के अपनेखेल से जुड़े सामान के कारण ट्रेन में चढ़ने से रोका गया या फिर उन्हे अतिरिक्त शुल्क और जुर्माने का सामना करना पड़ा। इसी को ध्यान में रखते हुए अब रेलवे ने खिलाड़ियों नियमों में बदलाव किया है।
रेल मंत्रालय(Ministry of Railways) ने अपने दिए गए नए निर्देश में ये स्पष्ट किया है कि खिलाड़ी अब ट्रेन में भाला (Javelin) और अन्य बड़े आकार के खेल उपकरण अपने साथ ले जा सकेंगे। यह अनुमति उन उपकरणों के लिए दी गई है जो कि ले जाने वाले बाकि सामान्य सामानों से आकार में बड़े होते हैं।
देना होगा निर्धारित शुल्क
रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, खिलाड़ियों को बड़े खेल उपकरण ले जाने की सुविधा तो मिलेगी लेकिन इसके लिए उन्हें निर्धारित माल ढुलाई शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क जमा करने के बाद खिलाड़ी अपने उपकरणों को ट्रेन में प्राथमिकता के आधार पर ले जा सकेंगे।
रेलवे ने यह भी साफ किया है कि सामान्य सामान के वजन और आकार से जुड़े नियम खेल उपकरणों पर उसी तरह लागू नहीं होंगे। हालांकि, यात्रा से पहले रेलवे के पार्सल विभाग द्वारा सामान की जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ले जाया जा रहा सामान वास्तव में खेल से संबंधित उपकरण ही है। जांच पूरी होने के बाद इन उपकरणों को ट्रेन के लगेज कंपार्टमेंट में सुरक्षित तरीके से रखा जा सकेगा।
पोल वॉल्ट के पोल को नहीं मिली छूट
हालांकि, रेलवे ने पोल वॉल्ट में इस्तेमाल होने वाले लंबे पोल को इस सुविधा में शामिल नहीं किया है। मंत्रालय के अनुसार इसकी लंबाई और आकार इतना अधिक होता है कि इसे सामान्य ट्रेन कोच या लगेज क्षेत्र में सुरक्षित रूप से रखना संभव नहीं है।
रेलवे का मानना है कि पोल वॉल्ट पोल को ले जाने से यात्रियों की सुरक्षा और अन्य सामान की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी कारण इस उपकरण को नई छूट के दायरे से बाहर रखा गया है।
खिलाड़ियों को यात्रा में होगी आसानी
रेलवे के इस फैसले से एथलेटिक्स और अन्य खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर वे खिलाड़ी जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए यात्रा करते हैं उन्हें अब अपने जरूरी उपकरणों के साथ सफर करने में कम परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
यह कदम खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधा देने और उनकी जरूरतों को समझते हुए रेलवे की ओर से उठाया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।