मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने आतंकी गतिविधियों से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिहार के मधुबनी जिले से इजहार-उल-हक को गिरफ्तार किया है। वह पंडौल थाना क्षेत्र का निवासी है और स्थानीय स्तर पर मदरसे में बच्चों को शिक्षा देने का काम करता था।
पूछताछ और सबूतों के आधार पर हुई कार्रवाई
ATS के मुताबिक, भोपाल से गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला से पूछताछ के दौरान मिले जानकारी के आधार पर इजहार-उल-हक तक पहुंच बनाई गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह विदेशी हैंडलरों के संपर्क में था और उनके निर्देशों पर काम कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है।
मोबाइल से मिले आपत्तिजनक सामग्री
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई वीडियो, भाषण और सोशल मीडिया सामग्री मिली है। ATS का दावा है कि इनमें कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री और हिंसक वीडियो शामिल हैं। जांचकर्ता यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल युवाओं को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा था या नहीं।
फंडिंग और नेटवर्क विस्तार की जांच
ATS का आरोप है कि इजहार-उल-हक पर धन जुटाने और नेटवर्क के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने का काम करता था। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या वह बिहार में नए लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था। उसे मधुबनी के भौआड़ा गांव स्थित एक मस्जिद के पास से हिरासत में लिया गया।
अब तक छह गिरफ्तारियां
इस मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सबसे पहले भोपाल से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सहारनपुर से नईम अब्दुल्ला, राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव, मध्य प्रदेश के धार जिले से हाजी अजहर और हरियाणा के नूंह से शाकिर को गिरफ्तार किया गया। इजहार-उल-हक इस कथित नेटवर्क का छठा गिरफ्तार सदस्य बताया जा रहा है।
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