NIA Raid: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में आतंकवाद से जुड़े एक मामले की जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी की टीमों ने जिले के कनिसपोरा इलाके में छापेमारी कर शाहीन अहमद लोन के घर की तलाशी ली। शाहीन अहमद लोन फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है और वह लंबे समय से एनआईए की जांच के दायरे में है।
आतंकवाद से जुड़े मामले की जांच
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई एक ऐसे मामले से जुड़ी है, जिसकी जांच एनआईए कर रही है। तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने शाहीन अहमद लोन के आवास पर विभिन्न पहलुओं की जांच की। हालांकि, छापेमारी के दौरान किसी सामग्री की बरामदगी को लेकर एनआईए ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
संपत्तियों की कुर्की को मिली मंजूरी
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जम्मू स्थित एनआईए अधिनियम के तहत नामित विशेष न्यायाधीश ने एजेंसी की याचिका को स्वीकार किया है। अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के प्रावधानों के तहत शाहीन अहमद लोन की अचल संपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति प्रदान की है।
2020 के मीर बाजार मामले से जुड़ा है केस
जांच रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला 11 जनवरी 2020 का है। उस दिन कुलगाम के मीर बाजार स्थित अल-स्टॉप नाका पर एक हुंडई आई-20 कार को जांच के लिए रोका गया था। तलाशी के दौरान वाहन से हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद किए जाने का दावा किया गया था। बाद में इस मामले की जांच गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी थी।
17 जनवरी 2020 को NIA ने संभाली जांच
मामला सौंपे जाने के बाद एनआईए ने 17 जनवरी 2020 को औपचारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले ली थी। तब से एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
OGW के तौर पर काम करने का आरोप
एनआईए का आरोप है कि शाहीन अहमद लोन प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में काम करता था। जांच एजेंसी के मुताबिक वह नियंत्रण रेखा (LoC) के पार से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों की गुप्त आवाजाही को सुगम बनाने तथा उन्हें कश्मीर में एक्टिव आतंकियों तक पहुंचाने में शामिल था।
जांच पर टिकीं निगाहें
बारामूला में हुई ताजा छापेमारी के बाद मामले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। फिलहाल, तलाशी अभियान से संबंधित जानकारी और संभावित बरामदगी को लेकर एनआईए की ओर से किसी आधिकारिक बयान का इंतजार है।
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