देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG 2026 पेपर लीक(NEET Paper Leak) मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज होती दिखाई दे रही है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए RCC क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगावकर की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। बुधवार को पुणे महानगरपालिका ने डेक्कन इलाके में स्थित RCC क्लासेस की शाखा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण के कुछ हिस्सों को बुलडोजर से हटाया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी हलचल देखने को मिली।
नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित परिसर में कुछ निर्माण बिना अनुमति के किए गए थे और व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार किए गए हिस्से नियमों के अनुरूप नहीं थे। इसी आधार पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। सुबह से ही भारी पुलिस सुरक्षा के बीच नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से भवन के बाहर बने अवैध ढांचे और अतिक्रमित हिस्सों को तोड़ना शुरू किया गया।
पुलिस बल पहले से तैनात
कार्रवाई के दौरान आसपास बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और छात्र जमा हो गए थे। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल को पहले से तैनात किया गया था। अधिकारियों ने पूरे अभियान को नियंत्रित तरीके से पूरा किया ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। नगर प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के तहत की गई है और अवैध निर्माण को हटाना आवश्यक था। जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी पुणे नगर निगम द्वारा RCC क्लासेस के कुछ परिसरों को सील किया जा चुका है।
प्रशासन को यह भी जानकारी मिली थी कि परिसर के कुछ हिस्सों का उपयोग बिना वैध अनुमति के किया जा रहा था। इसी के बाद जांच तेज की गई और अतिक्रमण पाए जाने पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। इधर, केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा पेपर लीक मामले की जांच लगातार जारी है। एजेंसी कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ कर रही है। शिवराज मोटेगावकर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
छात्रों और अभिभावकों में काफी नाराजगी
इस घटनाक्रम के बाद छात्रों और अभिभावकों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ जगहों पर RCC क्लासेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं जहां संस्थान के बोर्ड और पोस्टरों को नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आईं। NEET-UG परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में गिनी जाती है और लाखों छात्र हर साल इसमें शामिल होते हैं।
ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पुणे में हुई बुलडोजर कार्रवाई को प्रशासन की सख्त नीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच के दायरे में और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है और छात्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।