उत्तर प्रदेश के कानपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े ठगी रैकेट का खुलासा हुआ है। कानपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को दारोगा बताकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये वसूल रहा था। आरोपी की पहचान संजय कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो लंबे समय से युवाओं को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतता था। वह खास तौर पर उन युवाओं को निशाना बनाता था जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। आरोपी उन्हें भरोसा दिलाता था कि उसके उच्च अधिकारियों से सीधे संपर्क हैं और वह चयन प्रक्रिया में मदद कर सकता है।
ठगी को असली भर्ती प्रक्रिया जैसा दिखाने के लिए आरोपी शहर के होटलों में कमरे बुक करता था। वहां बाकायदा इंटरव्यू और लिखित परीक्षा आयोजित की जाती थी। उम्मीदवारों से फॉर्म भरवाए जाते थे और उन्हें परीक्षा देने के लिए बैठाया जाता था, ताकि उन्हें किसी प्रकार का शक न हो। इस पूरी प्रक्रिया को इतना व्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया जाता था कि अधिकतर अभ्यर्थी इसे असली भर्ती समझ बैठते थे।
आरोपी अभ्यर्थियों से चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। कुछ मामलों में उसने लाखों रुपये तक लिए। जब नौकरी का परिणाम आने में देरी होती या उम्मीदवार पूछताछ करते, तो वह बहाने बनाकर समय टाल देता था। कई पीड़ितों को जब लंबे समय तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद कानपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी इस तरह की ठगी में शामिल रहा है और वह अलग-अलग स्थानों पर युवाओं को निशाना बनाता था।
पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से फर्जी दस्तावेज, कुछ संदिग्ध कागजात और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं तथा अब तक कितने लोगों को ठगा गया है।
पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि वे सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को सीधे पैसे न दें। किसी भी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या विभागीय नोटिस के माध्यम से ही प्राप्त करें। अगर कोई व्यक्ति शॉर्टकट या सिफारिश के नाम पर नौकरी दिलाने का दावा करता है, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि बेरोजगारी और सरकारी नौकरी की चाहत का फायदा उठाकर ठग सक्रिय हैं। ऐसे में युवाओं को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की आवश्यकता है।
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