Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देश एक महत्वपूर्ण समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। उनके मुताबिक करीब छह सप्ताह के टकराव और बातचीत के बाद अब हालात ऐसे बन गए हैं कि जल्द ही कोई ठोस नतीजा सामने आ सकता है।
यूरेनियम को लेकर बड़ा दावा
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने इसे “न्यूक्लियर डस्ट” बताते हुए कहा कि तेहरान अब इस संवेदनशील सामग्री को अमेरिका को लौटाने पर सहमत है। अमेरिका लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि ईरान इस यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकता है।
परमाणु हथियार कार्यक्रम पर रुख
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान उन शर्तों को मानने के लिए तैयार हो गया है, जिनका वह पहले विरोध करता रहा था। इनमें परमाणु हथियार बनाने की मंशा छोड़ना और अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी सामग्री को सौंपना शामिल है। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
डील और पाकिस्तान कनेक्शन
ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर ट्रंप ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि समझौते की संभावना काफी मजबूत है और अगर यह डील पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अंतिम रूप लेती है, तो वह खुद भी वहां जा सकते हैं। इस बयान ने इस पूरे कूटनीतिक घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य भी समझौते में
ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का मुद्दा भी शामिल है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। अगर यह हिस्सा समझौते में शामिल होता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
सीजफायर पर क्या बोले ट्रंप
ईरान के साथ जारी तनाव के बीच ट्रंप ने यह भी कहा कि दो सप्ताह के सीजफायर को आगे बढ़ाने की जरूरत शायद नहीं पड़ेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही स्थायी समाधान निकल सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर जरूरत पड़ी तो युद्धविराम की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
इजरायल-लेबनान के बीच युद्धविराम
इस बीच क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। ट्रंप ने बताया कि इजरायल और लेबनान 10 दिनों के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। यह सीजफायर न्यूयॉर्क समयानुसार शाम 5 बजे से लागू हो चुका है और इसे क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी प्रशासन की भूमिका
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष डैन केन को निर्देश दिया है कि वे इजरायल और लेबनान के साथ मिलकर स्थायी शांति के लिए काम करें। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्रीय संकट को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
कूटनीति के नए संकेत
ईरान-अमेरिका संबंधों में आई यह नरमी और इजरायल-लेबनान के बीच युद्धविराम की पहल, दोनों ही मध्य पूर्व में बदलते समीकरणों की ओर इशारा करते हैं। हालांकि अंतिम समझौते और उसके प्रभाव को लेकर अभी भी कई सवाल बाकी हैं, लेकिन फिलहाल हालात में सुधार के संकेत जरूर दिखाई दे रहे हैं।
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