मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच फ्रांस ने अमेरिका का सैन्य साथ देने से इनकार किया, जिसका असर अब दिखने लगा है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस रुख के बाद ईरान ने फ्रांस को बड़ी राहत देते हुए उसकी शिपिंग कंपनी के जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है।
फ्रांसीसी जहाज को होर्मुज पार करने की मिली इजाजत
जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, फ्रांस की कंपनी CMA CGM का कंटेनर जहाज ‘CMA CGM क्रिबी’ ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी यूरोप से जुड़ा पहला जहाज है, जिसे होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति मिली। यह जहाज माल्टा के झंडे के साथ संचालित हो रहा है और दुबई के पास से पूर्व दिशा में आगे बढ़ा।
मार्च से खाड़ी में फंसा था जहाज
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद कई अंतरराष्ट्रीय जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंस गए थे। ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए होर्मुज स्ट्रेट को सीमित कर दिया था, जिससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ा। फ्रांस का यह जहाज भी मार्च से इसी क्षेत्र में रुका हुआ था।
ईरान से संपर्क के बाद मिली अनुमति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांसीसी कंपनी ने ईरान के समुद्री अधिकारियों से संपर्क कर विशेष अनुमति मांगी थी। इसके बाद जहाज को केश्म और लारक द्वीपों के बीच निर्धारित मार्ग से गुजरने की मंजूरी दी गई। माना जा रहा है कि यह जहाज अफ्रीका के कांगो गणराज्य के पोइंट-नोयर की ओर जा रहा है।
चीन समेत ‘मित्र देशों’ को मिल रही छूट
ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि केवल उन्हीं देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें वह मित्र मानता है। इससे पहले चीन से जुड़े जहाज भी इस रास्ते से गुजर चुके हैं।
होर्मुज पर टोल सिस्टम की तैयारी
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि देश ओमान के साथ मिलकर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नया प्रोटोकॉल तैयार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, IRGC प्रति बैरल 1 डॉलर तक टोल वसूलने की योजना बना रहा है और भुगतान के लिए वैकल्पिक मुद्राओं पर भी विचार हो रहा है।
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