Indian Sailor Death: ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी हमले के बाद बड़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा हो गया है। इस जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय अभी भी लापता है। इस घटना को लेकर ईरान ने गहरा दुख जताते हुए अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ईरान ने दिखाई भारत के प्रति संवेदना
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और पब्लिक डिप्लोमेसी सेंटर प्रमुख इस्माइल बकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए भारतीय नाविकों की मौत पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ईरान मृतकों के परिवारों, भारत की जनता और भारत सरकार के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट करता है। बकाई का यह बयान भारत के प्रति समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
Spokesperson for the Ministry of Foreign Affairs of the Islamic Republic of Iran, Esmail Baghaei tweets – "The brutal U.S. attacks on Indian commercial vessels which have killed at least three Indian nationals, stand as clear evidence of America’s ongoing policy of armed robbery… pic.twitter.com/LvMCcQUMUp
— ANI (@ANI) June 11, 2026
अमेरिका पर गंभीर आरोप
इस्माइल बकाई ने अपने बयान में अमेरिका पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि यह हमला ‘हथियारबंद लूट और समुद्री डकैती’ जैसी नीतियों का उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करती है। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि ऐसे गैरकानूनी व्यवहार के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।
जहाज पर भारतीयों की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान तट के पास जिस जहाज पर हमला हुआ, उसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय लापता हो गए थे। बाद में दो लापता लोगों के शव बरामद किए गए। अब भी चीफ इंजीनियर पटानाला सुरेश का कोई पता नहीं चल पाया है और उनके जीवित मिलने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है।
भारत का कड़ा रिएक्शन
घटना के बाद भारत सरकार ने भी इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय, भारत ने इस हमले की निंदा करते हुए नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को औपचारिक विरोध पत्र (demarche) सौंपा है। भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है और मामले की पूरी जांच की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय विवाद गहराया
इस घटना ने भारत, ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। एक ओर ईरान ने भारत के प्रति सहानुभूति जताई है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। मामला अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
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