Wednesday, February 18, 2026
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IDFC का मर्जर हुआ पूरा, शेयरहोल्डर्स और बैंक दोनों को फायदा

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और आईडीएफसी लिमिटेड का विलय पूरा हो गया है। सभी जरूरी मंजूरियों के बाद यह 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। इस विलय से शेयरधारकों को फायदा होने वाला है। आईडीएफसी के हर शेयरधारक को 100 शेयरों के बदले आईडीएफसी बैंक के 155 शेयर दिए जाएंगे। इस विलय से आईडीएफसी का कॉरपोरेट ढांचा सरल हो जाएगा। प्रमोटरों की होल्डिंग खत्म हो जाएगी और प्रोफेशनल मैनेजमेंट बढ़ेगा।

IDFC फर्स्ट बैंक के पास कोई होल्डिंग कंपनी नहीं होगी

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने शुक्रवार को इस विलय के पूरा होने की घोषणा की है। बैंक ने कहा कि शेयरधारकों और नियामकीय मंजूरियों के बाद यह विलय अगले महीने से लागू हो जाएगा। आईडीएफसी ने शेयरों के आदान-प्रदान के लिए रिकॉर्ड तिथि 10 अक्टूबर तय की है। ये शेयर शेयरधारकों को 31 अक्टूबर से पहले दिए जाएंगे। इस विलय का सबसे बड़ा फायदा अब यह होगा कि बैंक के पास कोई होल्डिंग कंपनी नहीं होगी। बैंक ने कहा कि अब हमारी शेयरहोल्डिंग दूसरे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों की तरह सरल हो जाएगी। दूसरे निजी क्षेत्र के बैंकों में भी प्रमोटर होल्डिंग नहीं है। साथ ही बैंक का प्रबंधन आसान हो जाएगा।

विलय से बैंक को मिलेंगे 600 करोड़ रुपए
इस विलय से बैंक को करीब 600 करोड़ रुपए मिलेंगे। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एमडी और सीईओ वी वैद्यनाथन ने कहा कि हम करीब दो साल से इस विलय के लिए प्रयास कर रहे थे। काफी मेहनत के बाद हम इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। हमें उम्मीद है कि इस विलय से बैंक को भविष्य में काफी लाभ मिलेगा। हम अपने ग्राहकों को बेहतर तरीके से सेवा दे पाएंगे। हमारा कॉरपोरेट ढांचा भी अब सेक्टर के दूसरे बड़े बैंकों जैसा हो जाएगा।

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