Wednesday, February 18, 2026
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नए कानून को लेकर गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक 

चंद्रशेखर धरणी, चंडीगढ़ : केंद्र सरकार की ओर से भारतीय दंड संहिता में किए गए बदलाव के बाद लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के लिए हरियाणा सरकार और अधिकारी एक्टिव हो गए हैं। इसी के चलते हरियाणा की गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने एक समीक्षा बैठक की। सुमिता मिश्रा ने तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन और मौजदा स्थिति को लेकर अभियोजन विभाग, पुलिस विभाग और जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विस्तार से चर्चा की।

मिश्रा ने कहा कि हरियाणा सरकार 31 मार्च 2025 तक इन नए कानूनों को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन तीनों कानूनों के हरियाणा में शत-प्रतिशत कार्यान्वयन से प्रदेशवासियों का न्याय प्रणाली में भरोसा और अधिक मजबूत होगा। बैठक में कपूर ने 3 नए कानूनो को प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की।

गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नए कानूनो को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए हरियाणा को एक मॉडल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित लक्ष्य अनुसार इन कानूनों को हरियाणा में पूरी तरह से लागू करना है। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को इसे लागू करने के लिए इस्तेमाल होने वाली ई-साक्ष्य एप्प व इसके इस्तेमाल करने के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि ई-साक्ष्य एक बहुत अच्छी ऐप है जिसके माध्यम से नए कानून में निहित प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है। उन्होंने बैठक में केस डायरी माड्यूल तथा चांस रिकवरी व प्लेनड रिकवरी की वीडियोग्राफी आदि के बारे में भी बताया। इसके साथ ही उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व पर बल दिया। नए कानून से न्याय प्रणाली सुदृढ़ बनेगी और लोगों को त्वरित न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि तीन नए कानूनो को लागू करने के लिए सभी प्रकार के रिसोर्सेज हरियाणा में उपलब्ध है और भविष्य में आवश्यकता अनुसार और अधिक रिसोर्सेस उपलब्ध करवाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लाए गए नए कानून भारतीयों द्वारा, भारत की संसद में और भारतीयों को न्याय व सुरक्षा दिलाने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों नये आपराधिक कानूनों का कांसेप्ट प्रधानमंत्री मोदी के उस दृष्टिकोण से प्रेरित है जिसके तहत वे औपनिवेशिक युग के कानूनों को हटाना चाहते थे। ये कानून स्वतंत्रता के बाद भी जारी थे।

प्रधानमंत्री मोदी सरकार का मकसद सजा से ध्यान हटाकर न्याय पर ध्यान केंद्रित करना और न्यायिक प्रणाली को बदलना था। तीनों नए आपराधिक कानूनों को 1 जुलाई को देश भर में लागू किया गया था। इसका मकसद कानूनी प्रणाली को अधिक पारदर्शी, कुशल और समसामयिक समाज की जरूरतों के अनुकूल बनाना है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने भी सीएम नायब सिंह सैनी की अगुवाई वाली हरियाणा सरकार को मार्च महीने तक नए कानून लागू करने का समय दिया है।

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