हरियाणा में इस वर्ष आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) गठित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गृह विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार एटीएस का गठन केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए मॉडल के अनुरूप किया जाएगा। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त विभाग (FD) को भेज दिया गया है।
DGP की निगरानी में काम करेगा ATS
गुरुग्राम में अलग ATS थाना स्थापित होगा। एटीएस का नेतृत्व अजय सिंघल DGP करेंगे। गुरुग्राम में ATS के लिए अलग पुलिस स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जबकि इसका मुख्यालय पंचकूला में बनाया जाएगा।
क्यों बनाया जा रहा है ATS?
सरकार के अनुसार एटीएस का उद्देश्य आतंकवादी हमलों पर तुरंत और प्रभावी प्रतिक्रिया देना और आतंकी मामलों की गहन जांच करना है। इसके प्रमुख कार्यों में खुफिया जानकारी एकत्र करना, उसे संबंधित एजेंसियों के साथ साझा करना, विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना, आतंकवाद से संबंधित डेटा का केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करना और विश्लेषण करना शामिल होगा।
ATS के अंतर्गत बनाए जाएंगे पांच प्रमुख विभाग
स्पेशल फोर्स
यह एक हाईटेक आतंकवाद-रोधी बल होगा, जिसे एनएसजी की तर्ज पर गठित किया जाएगा एसपी-कमांडो पद का नाम बदलकर एसपी-स्पेशल फोर्स किया जाएगा। न्यूवाल स्थित कमांडो कॉम्प्लेक्स और पंचकूला के सीआईडी प्रशिक्षण केंद्र का संचालन भी इसी ढांचे के तहत होगा।
इंटेलीजेंस और ऑपरेशन विभाग
यह एटीएस की मुख्य शाखा होगी, जो आतंकी गतिविधियों की निगरानी करेगी और कार्रवाई योग्य सूचना जुटाएगी। एसपी-एटीएस (I&O)-2 का अधिकार क्षेत्र सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों में होगा।
इन्वेस्टिगेशन और प्रॉसिक्यूशन विभाग
यह विभाग आतंकी मामलों की जांच प्रक्रिया संभालेगा। साथ ही एसओपी तैयार करना, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करना इसकी जिम्मेदारी होगी।
रिसर्च, एनालिसिस एंड ट्रेनिंग (RAT) विभाग
इसका नेतृत्व एसपी-एटीएस मुख्यालय करेंगे। इसमें डीएसपी, इंस्पेक्टर, एएसआई और अन्य कर्मियों की तैनाती होगी। इसके तहत काउंटर-रैडिकलाइजेशन यूनिट, टेक्निकल इंटेलिजेंस यूनिट और डेटा एनालिसिस और इंटरसेप्शन यूनिट बनाई जाएंगी।
एडमिनिस्ट्रेशन एवं लॉजिस्टिक विभाग
यह विभाग प्रशासनिक, लेखा, परिवहन और रखरखाव से जुड़े सभी कामों को करेगा।