हरियाणा के नूंह जिले में शादी समारोहों के दौरान दूल्हों को नोटों की मालाएं पहनाने का बढ़ता चलन अब प्रशासन और पुलिस(Haryana Police) के लिए चिंता का विषय बन गया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें शादी समारोहों में लाखों रुपये की नकदी खुलेआम प्रदर्शित होती दिखाई दी। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अब इस तरह के आयोजनों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर जांच करने का फैसला किया है।
जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां दूल्हों को भारी रकम की नोटों की मालाएं पहनाई जा रही हैं। पुलिस को आशंका है कि इन आयोजनों में काले धन, अवैध लेन-देन और टैक्स चोरी जैसी गतिविधियों का इस्तेमाल हो सकता है। इसी वजह से अब पुलिस यह पता लगाएगी कि शादी में इस्तेमाल की जा रही नकदी का स्रोत क्या है और वह रकम वैध तरीके से अर्जित की गई है या नहीं।
मांगा जाएगा पूरा हिसाब
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अगर किसी समारोह में हद से ज्यादा मात्रा में नकदी का प्रदर्शन किया जाता है तो संबंधित लोगों से पैसों का पूरा हिसाब मांगा जा सकता है। यदि जांच के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
केवल नोटों की मालाएं पहनाने वाले परिवार ही नहीं बल्कि नकदी की मालाएं किराये पर उपलब्ध कराने वाले लोग भी पुलिस की निगरानी में रहेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह एक नया व्यवसाय बनता जा रहा है जिसमें दिखावे और सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर बड़ी मात्रा में नकदी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे समाज में प्रतिस्पर्धा और अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है।
नूंह जिले से चर्चा में आया मुद्दा
हाल ही में नूंह जिले के नेहदा गांव में हुई एक घटना ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया। एक शादी समारोह के दौरान दूल्हे को नोटों की माला पहनाने को लेकर दो रिश्तेदारों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। बारात रवाना होने से पहले हुए इस झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिसके बाद पूरे इलाके में इस तरह के दिखावे पर बहस शुरू हो गई।
इस घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी शादी समारोहों में बढ़ते भव्य प्रदर्शन और नकदी के खुले इस्तेमाल पर चिंता जताई। उनका कहना है कि शादी जैसे पारिवारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रतिष्ठा और पैसे की होड़ का माध्यम नहीं बनाना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से सादगीपूर्ण विवाह करने और अनावश्यक खर्च से बचने की अपील भी की है।
क्या है पूलिस का उद्देश्य ?
पुलिस का कहना है कि उनका उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं बल्कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और समाज में स्वस्थ माहौल बनाए रखना है। आने वाले समय में प्रशासन इस तरह के आयोजनों पर और अधिक नजर रख सकता है ताकि कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके और शादी समारोहों में बढ़ते दिखावे पर नियंत्रण लगाया जा सके।