Saturday, February 14, 2026
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बिहार में SIR का पहला ड्राफ्ट जारी, वेबसाइट पर 3 बजे मतदाता सूची अपलोड करेगा चुनाव आयोग

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने आज संशोधित मतदाता सूची का मसौदा जारी कर दिया है। मतदाता सूची के मसौदे की प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सौंप दी गई हैं। बिहार के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) द्वारा सभी 38 जिलों के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को संशोधित मतदाता सूची के मसौदे की भौतिक और डिजिटल प्रतियां सौंप दी गईं।

चुनाव आयोग दोपहर 3 बजे अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर भी मतदाता सूची का मसौदा अपलोड करेगा। मतदाता मसौदे में अपना नाम देख सकेंगे और जिनके नाम नहीं हैं, वे चुनाव आयोग के पास अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने आश्वासन दिया है कि बिहार के सभी मतदाताओं और राजनीतिक दलों को एक अगस्त से एक सितंबर तक संशोधित मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। CEC ने कहा कि बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEC) और सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ERO) राज्य के मतदाताओं या किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को एक अगस्त से एक सितंबर तक मसौदा मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने और मतदाता जानकारी में सुधार के लिए दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित करेंगे।

बिहार में मतदाता सूची से हटेंगे 65 लाख नाम

बिहार में 24 जून से शुरू हुई SIR प्रक्रिया के बाद 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग ने 27 जुलाई को एक प्रेस नोट में कहा था कि बिहार में मतदाता सूची में पंजीकृत 91.69% मतदाताओं ने अपने मतगणना फॉर्म जमा कर दिए हैं और उनके नाम 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट में शामिल किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि 24 जून 2025 तक 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने मतगणना फॉर्म जमा कर दिए थे, जो SIR प्रक्रिया में लोगों की व्यापक भागीदारी का संकेत देता है। इसका मतलब है कि 1 अगस्त की ड्राफ्ट सूची में 65 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे।

बिहार में SIR का इंडिया ब्लॉक कर रहा विरोध

चुनाव आयोग द्वारा 24 जून को जारी SIR आदेश में कहा गया था कि यह प्रक्रिया बिहार से शुरू होकर पूरे देश में लागू की जाएगी, इस विवादास्पद प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है, विपक्षी दलों ने इसे पिछले दरवाजे से लाया गया राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) करार दिया है। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर दोनों सदनों में चर्चा की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक में शामिल पार्टियों के सांसदों शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, विपक्षी दलों ने एसआईआर को वोटों की चोरी करार दिया।

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