भगवंत सिंह मान ने फिरोजपुर फीडर नहर के रीलाइनिंग प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए इसे प्रदेश के किसानों के लिए ऐतिहासिक पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बड़ी राहत देगी।
अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधित करते हुए CM मान ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पर्याप्त और स्वच्छ नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर जल संसाधन विभाग के सचिव कृष्ण कुमार ने परियोजना के तकनीकी और व्यावहारिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
बड़े स्तर पर हुआ सुधार
कृष्ण कुमार ने बताया कि पिछले 74 वर्षों में पहली बार फिरोजपुर फीडर पर इतने बड़े स्तर का सुधार कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि हरि की हेड से निकलने वाला पानी जब रोशन के रास्ते पाकिस्तान के कसूर क्षेत्र की ओर जाता है, तो वहां स्थित चमड़ा उद्योगों का दूषित पानी वापस भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाता था।
इससे सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब रोटेशन प्रणाली लागू किए जाने से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण होगा और फिरोजपुर फीडर में दूषित पानी का प्रवेश रोका जा सकेगा। इससे न केवल ग्रामीणों को राहत मिलेगी, बल्कि सिंचाई के लिए स्वच्छ पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
रीलाइनिंग प्रोजेक्ट से बढ़ेगी क्षमता
अधिकारियों के मुताबिक, इस रीलाइनिंग प्रोजेक्ट से नहर की क्षमता बढ़ेगी, पानी की बर्बादी रुकेगी और बाढ़ का खतरा भी कम होगा। किसानों को समय पर नहरी पानी मिलने से फसलों की पैदावार पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
इस अवसर पर जल स्रोत मंत्री वरिंदर गोयल, एसई संदीप गोयल सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने सरकार की इस पहल का स्वागत किया।