उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लाखों वाहन चालकों के लिए यात्रा अब पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग(Delhi-Meerut Expressway) प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-9 सहित कई प्रमुख मार्गों पर टोल दरों में संशोधन लागू कर दिया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।
नई दरों के अनुसार हल्के वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के टोल में करीब 5 रुपये तक की वृद्धि की गई है। सराय काले खां से मेरठ तक सफर करने वालों को अब पहले की तुलना में ज्यादा भुगतान करना होगा। इसके साथ ही 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा पर भी टोल शुल्क बढ़ा दिया गया है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नई टोल दरें
सराय काले खां से मेरठ तक एक तरफ का टोल अब 170 रुपये से बढ़कर 175 रुपये हो गया है, जबकि आने-जाने का किराया 255 रुपये से बढ़कर 265 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह इंदिरापुरम से मेरठ तक एक तरफ का टोल 115 रुपये से बढ़कर 120 रुपये और रिटर्न यात्रा 180 रुपये से बढ़कर 189 रुपये हो गया है।
कमर्शियल वाहनों पर भी असर
यह बढ़ोतरी सिर्फ निजी वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हल्के कमर्शियल वाहनों, बसों और ट्रकों पर भी इसका असर पड़ा है। इन वाहनों के टोल में 10 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि भारी वाहनों और मशीनरी के लिए यह दरें और अधिक हो गई हैं।
एनएच-9 पर भी टोल दरों में संशोधन किया गया है। हल्के वाहनों के शुल्क में हल्की कमी देखी गई है, जबकि बस और ट्रकों के टोल में बढ़ोतरी की गई है। वहीं भारी मशीनों और बड़े वाहनों के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं, जिससे व्यावसायिक परिवहन पर असर पड़ना तय है।
अन्य एक्सप्रेसवे पर भी बढ़ोतरी
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भी अलग-अलग रूट्स के टोल में मामूली वृद्धि की गई है। इसके अलावा द्वारका एक्सप्रेसवे और फरीदाबाद टोल प्लाजा पर भी नई दरें लागू कर दी गई हैं, जिससे पूरे एनसीआर नेटवर्क में यात्रा महंगी हो गई है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच नेटवर्क से हर दिन लाखों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यह बदलाव बड़ी संख्या में यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करेगा।
पूरी तरह डिजिटल टोल व्यवस्था
एनएचएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब सभी टोल प्लाजा पर कैश भुगतान बंद कर दिया गया है। भुगतान केवल फास्टैग और यूपीआई के जरिए ही किया जाएगा। इसके साथ ही क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें वाहन द्वारा तय दूरी के आधार पर शुल्क लिया जाएगा।