चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर देहरादून जिला प्रशासन ने पूरी तरह से अपनी कमक कस ली है। ‘अतिथि देवो भव:’ की पुरानी परंपरा को ध्यान में रखते हुए, जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस बार यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी कठिनाई हो, इसके लिए प्रशासन कोई भी कदम उठाने को तैयार है।
DM ने अधिकारियों को दिया आदेश
DM बंसल ने सभी अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और उन्हें 15 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का सख्त आदेश दिया। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह देवभूमि की आस्था और लाखों श्रद्धालुओं के विश्वास का सवाल है, जिसे हर हाल में सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना है।
इस बार रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। ऋषिकेश में 30 और विकासनगर में 20 काउंटर चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे, जहां यात्रियों को रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी। अगर किसी श्रद्धालु को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में समस्या आती है, तो उनके लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन और मोबाइल टीमों की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे तकनीकी समस्याओं के कारण यात्रा में कोई रुकावट नहीं आएगी।
यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
होल्डिंग पॉइंट्स पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, आईडीपीएल, कटापत्थर, हरबर्टपुर और नया गांव जैसे स्थानों पर ‘जर्मन हैंगर’ टेंट लगाए जाएंगे, जहां यात्री आराम से रुक सकते हैं। इन जगहों पर मेडिकल चेकअप, स्वच्छ पानी, भोजन और स्वच्छ शौचालय की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, शटल बस सेवा भी शुरू की जाएगी, ताकि यात्रियों को किसी भी जगह भटकना न पड़े।
यात्रियों के भोजन की व्यवस्था इस बार स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा की जाएगी। इससे न केवल यात्रियों को ताजगी से भरा और सुलभ भोजन मिलेगा, बल्कि स्थानीय महिलाओं और समूहों को रोजगार भी मिलेगा। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए फूड पैकेट्स का भी भंडारण किया जाएगा।
प्रमुख चौराहों पर लगेगी LED स्क्रीन
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। यात्रा मार्ग पर विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात रहेंगे और एंबुलेंस भी हमेशा तैयार रहेगी। वाहनों की फिटनेस की जांच के बाद ही ग्रीन कार्ड दिया जाएगा, जिससे सड़क पर कोई भी जर्जर गाड़ी नहीं चलेगी। पुलिस, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती हर महत्वपूर्ण स्थान पर की जाएगी, और प्रमुख चौराहों पर LED स्क्रीन भी लगाई जाएंगी, ताकि यात्री समय-समय पर रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकें।