पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 7 बजे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में खाड़ी क्षेत्र में बने हालात और उसके भारत पर पड़ने वाले असर पर विस्तार से चर्चा होगी।
लगातार दूसरी समीक्षा बैठक
यह हाई-लेवल बैठक 22 मार्च को हुई पिछली समीक्षा के बाद बुलाई गई है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार वैश्विक हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मिडिल ईस्ट पर संबोधन भी इस बैठक को और महत्वपूर्ण बना रहा है।
भारत के हितों पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी पहले ही कह चुके हैं कि पश्चिम एशिया भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि करीब एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता उनके हितों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
किन सेक्टर्स पर होगी चर्चा
बैठक में कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, MSME, निर्यात, शिपिंग, व्यापार और सप्लाई चेन जैसे अहम क्षेत्रों पर प्रभाव का आकलन किया जाएगा। सरकार इन क्षेत्रों के लिए तत्काल और दीर्घकालिक रणनीति तैयार कर रही है। सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि खाद्य, ईंधन और ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित न हो। साथ ही जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म उपायों पर चर्चा होगी।
किसानों और बिजली सेक्टर की तैयारी
बैठक में खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता और किसानों पर असर का भी आकलन होगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पावर प्लांट्स में पर्याप्त कोयला स्टॉक बना रहे, ताकि बिजली की कमी न हो। सरकार केमिकल, फार्मा और पेट्रोकेमिकल सेक्टर के लिए आयात के नए स्रोत तलाशने और भारतीय उत्पादों के लिए नए निर्यात बाजार विकसित करने की दिशा में कदम उठा रही है।
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