Thursday, February 19, 2026
HomeCurrent NewsBudget 2025: 10 हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड, मखाना बोर्ड और...

Budget 2025: 10 हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड, मखाना बोर्ड और ई-श्रम पोर्टल, जाने सब

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 पेश करते हुए महिलाओं, किसानों और मजदूरों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। इस बजट में वित्तीय सहायता, उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। आइए जानते हैं कि इस बजट में महिलाओं, किसानों और मजदूरों को क्या मिला है।

महिलाओं के लिए नए अवसर

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

  • 10 हजार करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड: सरकार पहली बार महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) उद्यमियों को 2 करोड़ रुपये तक का लोन देगी।
  • बिना गारंटी के लोन: छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय शुरू करने के लिए महिलाओं को 5 साल के लिए बिना गारंटी के 2 करोड़ रुपये तक का टर्म लोन मिलेगा।
  • डिजिटल ट्रेनिंग और मार्केटिंग सपोर्ट: महिलाओं को डिजिटल ट्रेनिंग, मार्केटिंग सपोर्ट और सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।

किसानों के लिए बड़ी राहत

कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार ने कई घोषणाएं की हैं:

  • किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ी: किसानों को अब 3 लाख के बजाय 5 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा।
  • यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता: सरकार ने 3 बंद पड़े यूरिया प्लांट फिर से खोलने का फैसला किया है। इसके अलावा, असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाला नया प्लांट लगाया जाएगा।
  • बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना: इससे मखाना उत्पादन और व्यापार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
  • राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान: बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान खोला जाएगा, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक की मदद मिलेगी।

मजदूरों के लिए सरकार की सौगात

शहरी और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई योजनाओं की घोषणा की है:

  • गिग कामगारों के लिए ई-श्रम पोर्टल: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए काम कर रहे मजदूरों को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर करके पहचान पत्र दिया जाएगा। इससे लगभग 1 करोड़ गिग कामगारों को लाभ मिलेगा।
  • पीएम जन आरोग्य योजना का विस्तार: मजदूरों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
  • शहरी-गरीब मजदूरों के लिए योजनाएं: शहरी गरीबों की आय और जीवन स्तर सुधारने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे।
  • पीएम स्वनिधि योजना का विस्तार: बैंक लोन (30 हजार रुपये तक) की सीमा वाले यूपीआई लिंक्ड क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जाएगी और मजदूरों की क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments