मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार वे लगभग एक महीने तक सार्वजनिक जीवन और दुनिया के संपर्क से दूर रहेंगे।
इस अवधि में वे न तो धाम में उपस्थित रहेंगे, न ही कथा करेंगे और न ही उनका प्रसिद्ध दिव्य दरबार लगेगा। इतना ही नहीं, वे मोबाइल फोन, टीवी और मीडिया इंटरव्यू से भी पूरी तरह दूरी बनाए रखेंगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान वे किसी भी प्रकार के नेटवर्क या संचार माध्यम से जुड़े नहीं रहेंगे।
बद्रीनाथ धाम की पहाड़ियों में करेंगे एकांत साधना
सूत्रों के मुताबिक, मई महीने में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मध्य प्रदेश से दूर उत्तराखंड के पवित्र क्षेत्र बद्रीनाथ धाम की पहाड़ियों में जाएंगे। वहां वे एकांत में रहकर आध्यात्मिक साधना और ईश्वर भक्ति में समय बिताएंगे।
इस दौरान वे पूरी तरह एकांतवास में रहेंगे और बाहरी दुनिया से संपर्क तोड़कर ध्यान और तप में लीन रहेंगे। इससे पहले भी उन्होंने अपनी इस विशेष साधना के बारे में संकेत दिया था।
साधना को लेकर दिया बड़ा संदेश
अपने इस निर्णय को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में आत्मिक साधना की आवश्यकता पहले से अधिक है। उनके अनुसार जीवन में कई ऐसे रास्ते आते हैं जो व्यक्ति को भटका सकते हैं, इसलिए समय-समय पर तप और साधना के माध्यम से खुद को अनुशासित रखना जरूरी होता है।
उन्होंने बताया कि गुरु की आज्ञा से वे बद्रीनाथ की पहाड़ियों में तपस्या के लिए जा रहे हैं, जहां वे लगभग 21 दिनों तक साधना करेंगे। इस दौरान वे मोबाइल, टीवी, इंटरव्यू, कथा और लोगों से मुलाकात जैसी सभी गतिविधियों से दूरी बनाए रखेंगे।
नई ऊर्जा और नए विचारों के साथ करेंगे वापसी
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कहना है कि साधना पूरी करने के बाद वे नई ऊर्जा और नए विचारों के साथ लौटेंगे। उनका मानना है कि इस आध्यात्मिक तपस्या से उन्हें आगे के कार्यों के लिए नई प्रेरणा और दिशा मिलेगी, जिसके बाद वे समाज और सनातन से जुड़े कार्यों को नई योजना के साथ आगे बढ़ाएंगे।