चंद्रशेखर धरणी: हरियाणा विधान सभा की कमेटियों की कार्यशैली में निखार लाने के लिए विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सचिवालय में सभी चेयरपर्सनों के साथ बैठक की। उन्होंने इस संबंध में सभी चेयरपर्सन को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने समितियों के अधिकारियों से भी सुझाव मांगे। बैठक में कल्याण ने नवनियुक्त चेयरपर्सनों को विधायी कामकाज के गुर बताएं और साथ ही हिदायतें दीं कि विधायी कामकाज के सबसे महत्वपूर्ण घटक होने के कारण हम सबकी जनता के प्रति जवाबदेही ज्यादा है।
इस जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए समितियां सिर्फ विधान भवन में बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें प्रदेश भर में चल रही विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करना चाहिए। समिति सदस्यों को यह काम पूरे मनोयोग और समर्पण भाव से करना होगा। विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि अध्ययन दौरों की रिपोर्ट विधिवत रूप से तैयार होनी चाहिए। साथ ही समितियों को सरकारी खजाने की धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी सिफारिशों पर समयबद्ध कार्यवाही के लिए “एक्शन टेकन रिपोर्ट” मंगवाने पर बल दिया।
प्रोटोकॉल के पालन पर ध्यान दें
अध्यक्ष ने कहा कि समितियों द्वारा किए गए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित फॉलोअप करना आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने विधायकों के प्रति प्रोटोकॉल के पालन पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
सभी समिति अध्यक्षों ने की भागीदारी
इस बैठक में विभिन्न समितियों के अध्यक्ष शामिल हुए, जिनमें लोक लेखा समिति के अध्यक्ष आफताब अहमद, लोक उपक्रम समिति के अध्यक्ष राम कुमार गौतम, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति के अध्यक्ष भगवान दास, सरकारी आश्वासनों पर समिति के अध्यक्ष भारत भूषण बत्रा, याचिका समिति के अध्यक्ष घनश्याम दास, स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं संबंधी समिति के अध्यक्ष डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, जन-स्वास्थ्य और सार्वजनिक निर्माण विषयक समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव, और शिक्षा एवं विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष मूलचंद शर्मा शामिल थे।
